जापान और पूर्वी एशिया के अन्य देशों के साथ समुद्री सीमा विवाद के बीच अपने तटवर्ती क्षेत्रों के सर्विलांस के लिए चीन ने पूर्वोत्तर लिओनिंग प्रांत में दो ड्रोन बेस स्थापित किए हैं ।
इनमें से एक बेस का निर्माण तटवर्ती शहर यिंगकोउ में होगा ताकि बोहाई समुद्री क्षेत्र पर नजर रखा जा सके ।
प्रांतीय सरकार के समुद्री और मत्स्य पालन विभाग के अनुसार, प्रांत के प्रशासनिक नियंत्रण वाले पीला सागर के क्षेत्र के सर्विलांस के लिए दूसरे ड्रोन बेस का निर्माण दालिआन शहर में किया जाएगा ।
ड्रोन का उपयोग सबसे ज्यादा अमेरिका ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कबाइली इलाकों में उग्रवादियों के खिलाफ किया है ।
संवाद समिति शिन्हुआ की खबर के अनुसार, समुद्री सर्विलांस में रिमोट सेंसिंग और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया इसकी मुख्य विशेषताएं होंगी ।
इससे पहले आयी खबरों में कहा गया था कि चीन समुद्री सर्विलांस के लिए वर्ष 2015 तक 11 ड्रोन शिविर बनाना चाहता है। प्रत्येक शिविर में कम से कम एक ड्रोन होगा।