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मालती के वकील वी. के. शाही ने विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट :सीबीआई: नीलकांत मणि त्रिपाठी की अदालत में यह अर्जी दाखिल की।
शाही ने भाषा को बताया कि मालती की ओर से दाखिल अर्जी में आरोप लगाया गया है कि सीबीआई की जांच दोषपूर्ण और पक्षपातपूर्ण है तथा वास्तविक दोषी लोगों एवं रसूखदार लोगों को बचाने के लिये राजनीतिक दबाव में की गयी है।
उन्होंने बताया कि उन्हें सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट तथा सम्बन्धित अन्य दस्तावेज मुहैया नहीं कराये गये। लिहाजा उन्हें यह पता ही नहीं है कि सीबीआई ने आखिर किन बिंदुओं पर डाक्टर सचान की संदिग्ध हालात में मौत के मामले की जांच की थी।
इस पर अदालत ने मालती के वकील को गत 28 सितम्बर को सीबीआई द्वारा अदालत में पेश की गयी अंतिम रिपोर्ट की एक प्रति उपलब्ध करायी।
न्यायालय ने इसी मामले में सच्चिदानंद गुप्ता उर्फ सच्चे द्वारा दाखिल आपत्ति याचिका पर आपत्ति प्रस्तुत करने के लिये सीबीआई को समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई की तारीख दो नवम्बर नियत कर दी।
शाही ने बताया कि मालती द्वारा इस मामले में समुचित आपत्ति याचिका प्रकरण की सुनवाई की अगली तारीख पर दाखिल की जाएगी।