Advertisement
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिजMulti-Factor Funds: कम जोखिम में बेहतर रिटर्न का मौका या सिर्फ नया ट्रेंड? निवेश से पहले जानें फायदे-नुकसानICICI Pru MF ने लॉन्च किया नया फंड, ₹1,000 से स्मॉलकैप कंपनियों में निवेश का मौका‘सेबी ने खातों को गलत समझा’, राजेश एक्सपोर्ट्स के फाउंडर ने फंड की हेराफेरी के आरोपों को खारिज कियाक्रिकेट से रियल एस्टेट तक: पूर्व क्रिकेटर अजीत अगरकर ने मुंबई में बेचा फ्लैट, जाने कितनी मिली कीमत!Gold ETF से एक साल में पहली बार निकासी, बढ़ी निवेशकों की चिंता; अब आगे क्या करना चाहिए?टेक्निकल एक्सपर्ट की पसंद बने Polycab और Coal India, निवेशक क्यों रखें नजर?बजाज फिनसर्व के बोर्ड से हटेंगे राजीव बजाज, ऑटो कारोबार पर बढ़ाएंगे फोकसचांदी में अभी और गिरावट का खतरा, लेकिन लंबी अवधि में मिल सकता है 150% तक रिटर्नSpaceX ला रही है इतिहास का सबसे बड़ा IPO, भारतीय निवेशक कैसे कर पाएंगे निवेश?
अन्य समाचार आयात शुल्क मूल्य, विनिमय दर बढ़ने से विदेशों में खाद्यतेलों के भाव टूटे
'

आयात शुल्क मूल्य, विनिमय दर बढ़ने से विदेशों में खाद्यतेलों के भाव टूटे

PTI

- September,18 2021 4:35 AM IST

17 सितंबर (भाषा) देश में खाद्य तेलों के आयात शुल्क मूल्य में वृद्धि किये जाने से विदेशों में खाद्यतेलों के भाव टूटते दिखाई दिये जिससे दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को सोयाबीन

बाजार सूत्रों ने कहा कि सरकार ने बुधवार रात को आयात शुल्क मूल्य की गणना में डालर-रुपये की विनिमय दर को 74.40 रुपये प्रति डालर कर दिया जिससे कच्चा पॉम तेल का आयात शुल्क मूल्य 20,807 रुपये प्रति टन हो गया। इसमें 126 रुपये प्रति टन की वृद्धि हो गई जबकि सोयाबीन डीगम तेल का आयात शुल्क मूल्य 24,453 रुपये प्रति टन और पामोलीन तेल का 30,933 रुपये प्रति टन हो गया। विनिमय दर बढ़ने से इनके दाम क्रमश 148 और 187 रुपये प्रति टन और बढ़ गये। इससे पहले सरकार ने 15 सितंबर को इन तेलों के आयात शुल्क मूल्य में वृद्धि की थी। अब शुल्क मूल्य की गणना में विनिमय दर को बढ़ाया गया है।

इस वृद्धि के बाद विदेशों में खाद्यतेलों के भाव टूटने लगे जिसकी वजह से यहां सोयाबीन तेल, सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतें गिरावट के साथ बंद हुई। मलेशिया एक्सचेंज में 1.7 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि शिकागो एक्सचेंज में कल रात दो प्रतिशत की गिरावट के बाद फिलहाल डेढ़ प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

सूत्रों ने कहा कि सरसों दाना की उपलब्धता कम होने की वजह से बड़े ब्रांड की कंपनियां राजस्थान के कोटा से 18,300 रुपये क्विन्टल (जीएसटी अलग) के भाव सरसों कच्ची घानी तेल की खरीद कर रही हैं जो वे पहले कभी नहीं करती थीं। सरसों की त्यौहारी मांग होने से इसके तेल में सुधार दिखा। वायदा कारोबार में 120 रुपये क्विंटल भाव टूटने के बावजूद सरसों दाना के भाव हाजिर बाजार में पूर्वस्तर पर बंद हुए। देश की मंडियों में भी सरसों की आवक 2.25 लाख बोरी से घटकर दो लाख बोरी रह गई।

मांग बढ़ने से मूंगफली तेल तिलहन और बिनौला तेल कीमतों में भी सुधार आया।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 8,700 - 8,750 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली - 6,825 - 6,970 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 15,650 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,390 - 2,520 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 17,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,670 -2,720 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,755 - 2,865 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 15,500 - 18,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,380 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,200 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,950 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,460 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,900 रुपये।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,000 रुपये।

पामोलिन एक्स- कांडला- 11,950 (बिना जीएसटी के)

सोयाबीन दाना 8,400 - 8,600, सोयाबीन लूज 8,200 - 8,400 रुपये

मक्का खल (सरिस्का) 3,800 रुपये

भाषा राजेश राजेश महाबीर

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement