परिषद ने निजी क्षेत्र से इस संबंध में कदम उठाने और विग्यान से नौकरशाही और पुरानी पड़ चुकी प्रक्रियाओं को समाप्त करने की भी पुरजोर वकालत की है ।
इसके साथ ही परिषद ने यह भी सुझाव दिया है कि एक मजबूत नवोन्मेषी जैविकीय व्यवस्था का सृजन किया जाए जिसमें विग्यान और तकनीक तथा उद्योग के बीच मजबूत आपसी संबंध को प्रोत्साहन भी शामिल होगा।
परिषद ने कहा है कि इससे प्रतिस्पर्धात्मक विश्व बाजार में नये विचारों पर आधारित भारतीय उत्पादों और प्रणालियों को मदद मिलेगी और देश एक वैश्विक नेता बनकर उभरेगा।