जोशी ने यहां संवाददाताओं को बताया कि परमाणु रिएक्टरों को भारत की शर्तों पर स्थापित किया जाना चाहिए पर ऐसा लगता है कि सरकार अमेरिकी कंपनियों को समर्थन करने का मन बना चुकी है । उन्होंने आरोप लगाया, भारतीय हितों को कमोबेश गिरवी रख दिया गया है ।
भाजपा नेता ने कहा, हम परमाणु मुद्दे पर अमेरिकी एजेंसियों के सामने अपनी संप्रभुता का समर्पण कर रहे हैं ।
गौरतलब है कि पिछले दिनों मीडिया में खबरें आयी थीं कि अगले हफ्ते प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के वॉशिंगटन दौरे के दौरान रिएक्टरों की खरीद के लिए अमेरिकी कंपनियों से किए जाने वाले करार के लिए भारत की सरकार परमाणु उत्तरदायित्व से जुड़े प्रावधानों में ढील देने की कोशिश में है ।
मीडिया में आयी ऐसी खबरों को खारिज करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने कल कहा कि देश में असैन्य परमाणु परियोजनाएं भारतीय कानूनों का विषय होंगी जिनमें असैन्य उत्तरदायित्व का भी मुद्दा शामिल है ।
जोशी ने कहा कि अमेरिकी कंपनियों को पिछले कई साल से परमाणु रिएक्टर स्थापित करने का अनुभव नहीं रहा है जिससे हमें सावधान रहने की जरूरत है ।