सीबीआई की एक विग्यप्ति के अनुसार इन अधिकारियों एवं फर्मों के खिलाफ आयकर विभाग की एक एप्रेजल रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। इस रिपोर्ट में इस बात के पर्यापत सबूत बताये गये हैं कि उक्त निजी फर्म द्वारा अधिकारियों को राशि का भुगतान किया गया है।
विग्यप्ति के अनुसार इन नियामक संस्थाओं के अधिकारी जबलपुर, नागपुर और सूरत स्थित खदानों से संबंधित हैं।
विग्यप्ति में कहा गया कि आयकर विभाग के निदेशक .इन्वेस्टिगेशन. के.जी.गोयल की एक शिकायत, जिसमें आईटी एक्ट की धारा 132 के तहत एसआर फैरो के विभिन्न संस्थानों पर मारे गये आयकर छापे की एप्रीजल रिपोर्ट शामिल है, के आधार पर प्रकरण दर्ज किये गये हैं।
सूत्रों के अनुसार एप्रेजल रिपोर्ट में दर्शाया गया है कि एस आर फैरो द्वारा 12 लाख रुपये से अधिक का भुगतान आईबीएम एवं डीजीएमएस के अधिकारियों को किया गया है। उक्त फर्म खनिज उत्खनन से जुडी है और झाबुआ जिले के कजली डोंगरी में मेगनीज अयस्क तथा जबलपुर जिले के ग्राम सिंदुरसी में लोह अयस्क उत्खनन में लगी हुई थी।
एसआर फैरो के मालिक सुधीर शर्मा भाजपा में सत्ता और संगठन से जुडे प्रभावशाली व्यक्ति हैं और आयकर विभाग ने पिछले साल ही उनके विभिन्न संस्थानों पर छापा मारा था।