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तेल में उतार-चढ़ाव से सिटी गैस वितरण कंपनियां सुरक्षित दांव

उज्ज्वल जौहरी /  June 30, 2019

इंद्रप्रस्थ गैस (आईजीएल) और गुजरात गैस जैसी सिटी गैस वितरण या सीजीडी कंपनियों ने निवेशकों को अच्छा प्रतिफल दिया है। गुजरात गैस का शेयर जून में अपने 52 सप्ताह के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया। हालांकि महानगर गैस (एमजीएल) का प्रदर्शन इतना अच्छा नहीं रहा है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि ये तीन कंपनियां निवेशकों के लिए अच्छा दांव हैं।  विश्लेषकों के इस भरोसे का आधार यह तथ्य है कि गैस की अच्छी मांग से बिक्री मात्रा में इजाफा हो रहा है, जबकि तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) के कम दाम इन कंपनियों के लिए मुनाफा बढ़ाने में मददगार साबित हो रहे हैं। इन कंपनियों का मार्च तिमाही का प्रदर्शन भी इसे बयां करता है। आईजीएल ने बिक्री मात्रा में 17 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की। वहीं गुजरात गैस ने लाभ में 77 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की। 

 
संपीडि़त प्राकृतिक गैस (सीएनजी) और पाइप्ड प्राकृतिक गैस (पीएनजी) की बढ़ती मांग, बुनियादी ढांचे का प्रसार और नए भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार मात्रात्मक वृद्धि के लिए सकारात्मक कारक हैं। सीएनजी का इस्तेमाल वाहनों और पीएनजी का घरों एवं उद्योगों में होता है। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वैकल्पिक ईंधनों पर प्रतिबंधों और प्राकृतिक गैस जैसे स्वच्छ ईंधनों की जरूरत से मांग में और इजाफा हो रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि इन स्थितियों को देखते हुए आईजीएल लाभप्रद स्थिति में है। आईजीएल ने वित्त वर्ष 2017 से 2019 तक हर साल औसतन 13 से 14 फीसदी मात्रात्मक वृद्धि हासिल की है। विश्लेषकों का अनुमान है कि आईजीएल वाहन कन्वर्जन में लगातार बढ़ोतरी, दिल्ली परिवहन निगम के अपने बेड़े में नई बसें शामिल करने और नए भौगोलिक क्षेत्र मिलने से अपनी वृद्धि को लगातार पटरी पर बनाए रखने में सफल रहेगी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की यह कंपनी पिछले दो वर्षों से रेवाड़ी, करनाल और गुरुग्राम (हरियाणा) में विस्तार कर रही है। इसने बोली के 9वें दौर में मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली (उत्तर प्रदेश) में विस्तार के लिए लाइसेंस हासिल किए हैं। वहीं बोली के 10वें दौर में कैथल (हरियाणा), अजमेर, पाली और राजसमंद (राजस्थान), कानपुर, फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) और हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश) में विस्तार के लिए लाइसेंस लिए हैं। एंटिक स्टॉक ब्रोकिंग के विश्लेषकों ने कहा, 'इसके अलावा न्यायपालिका के अनुकूल रुख और दिल्ली-एनसीआर में पर्याववरण को लेकर बढ़ती चिंताओं से मांग बढ़ रही है।'
 
गुजरात गैस औद्योगिक वृद्धि में बढ़ोतरी से लाभान्वित होने की अनुकूल स्थिति में है। सिटी गैस वितरण से कंपनी की संभावनाएं बेहतर होने की उम्मीद है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के कोल गैसीफायर्स पर प्रतिबंध लगाने के बाद मोरबी क्लस्टर से गैस की अच्छी मांग को एक बेहतर उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है। कंपनी पिछले कुछ वर्षों से 11 से 12 नए जिले विकसित कर रही है। विश्लेषकों ने कहा, 'कंपनी ने 9वें और 10वें चरण में 7 नए लाइसेंस क्षेत्र हासिल किए हैं, जिनकी बदौलत वह अगले 5 से 7 वर्षों के दौरान भारत की सबसे बड़ी सीजीडी के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखने में सफल रहेगी।'
 
सेंट्रम ब्रोकिंग के क्षेत्रों की संभावनाओं के अनुमानों से पता चलता है कि गुजरात गैस की बिक्री मात्रा वित्त वर्ष 2025 तक बढ़कर 14.1 एमएमएससीएमडी (मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर पर डे) हो जाएगी, जो इस समय 6.5 एमएमएससीएमडी है। इसका मतलब है कि हर साल 14 फीसदी वृद्धि रहेगी।  हालांकि कुछ अन्य विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी अनुमानों को मात दे सकती है। जेफरीज के विश्लेषकों ने कहा कि अगर मोरबी क्लस्टर के उद्योगों की मांग वर्तमान स्तर 4.5 एमएमएससीएमडी पर बनी रहती है तो वित्त वर्ष 2020 में गुजरात गैस बिक्री मात्रा और एबिटा अनुमानों में 12 फीसदी इजाफा हो सकता है। इस समय यह बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है, जो आपूर्ति के मुद्दे का हल कर सकता है और मांग बढ़ा सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि इसके नतीजतन केवल मोरबी की मांग ही 6 एमएमएससीएमडी पर पहुंच सकती है क्योंकि असंगठित औद्योगिक इकाइयां भी पाइप्ड प्राकृतिक गैस उपयोग करने के विकल्प को चुन सकती हैं। 
 
भले ही हाल में अन्य सीजीडी कंपनियों की तुलना में एमजीएल को लेकर बाजार का भरोसा कमजोर रहा हो, लेकिन कंपनी के लिए मात्रात्मक वृद्धि का परिदृश्य मजबूत बना हुआ है। विशेषज्ञों ने कहा कि मुंबई एवं आसपास के क्षेत्र और रायगड़ जिले में गैस पाइपलाइन बुनियादी ढांचे और परिचालन के विस्तार से एमजीएल महाराष्ट्र में बड़े और तेजी से बढ़ते बाजार का फायदा उठा पाएगी। राज्य में अभी गैस पाइपलाइन का प्रसार मामूली है। हाल में कीमतें बढऩे की बदौलत कंपनी का मार्जिन चालू तिमाही से सुधरने की उम्मीद है। इस तरह कंपनी का मार्जिन आउटलुक सुधरेगा। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के विश्लेेषकों का अनुमान है कि एमजीएल का सकल मार्जिन वित्त वर्ष 2020 और 2021 में 13.5 रुपये प्रति एससीएम (स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर) रहेगा। यह मार्च तिमाही में 13.2 रुपये प्रति एससीएम था। हालांकि बीजी समूह का अपनी 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला लटका हुआ है, लेकिन इस शेयर का मूल्यांकन आकर्षक बना हुआ है। 
Keyword: gas, IGL, oil,,
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