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रियल एस्टेट में लखनऊ-नोएडा को पीछे छोड़ UP का सबसे महंगा शहर बना वाराणसी, VDA ला रहा नया टाउनशिप प्लान

काशी में आवासीय और व्यावसायिक जमीनों की मांग तेजी से बढ़ने के कारण वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने नई योजनाएं शुरू करने का निर्णय लिया है

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सिद्धार्थ कलहंस   
Last Updated- July 20, 2026 | 11:00 PM IST

रियल एस्टेट की कीमतों में लखनऊ और नोएडा को पीछे छोड़ते हुए वाराणसी उत्तर प्रदेश का सबसे महंगा शहर बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वाराणसी को अपना संसदीय क्षेत्र चुने जाने और काशी-विश्वनाथ कॉरिडॉर खुलने के बाद यहां अभूतपूर्व विकास हुआ है। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और बढ़ते धार्मिक पर्यटन के कारण अब देश भर के लोग वाराणसी में अपने सपनों का घर बनाना चाहते हैं।

काशी में आवासीय और व्यावसायिक जमीनों की मांग तेजी से बढ़ने के कारण वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने नई योजनाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार मुख्य शहर की भीड़भाड़ कम करने के लिए जरूरी है कि विकास केंद्र अब काशी के कस्बाई क्षेत्रों में तैयार हों। इस शहर को विरासत के साथ आधुनिक बुनियादी ढांचे का मेल कराने वाले आदर्श शहर के रूप में विकसित कराने की परिकल्पना प्रधानमंत्री ने की है। साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनियोजित शहरी विकास के निर्दश दिए हैं।

वीडीए ने इसी के अनुरूप लैंड पूलिंग नीति को मंजूरी दी है। पहली बार लागू इस नीति के तहत अब तक 60 एकड़ से अधिक भूमि इकट्ठी की जा चुकी है।

इसके साथ ही कल्लीपुर में आनंद काशी, मढ़नी में रुद्र विहार और गंजारी में स्पोर्ट्स सिटी जैसी टाउनशिप परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं, जो 500 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली हैं। इन्हें चरणों में तैयार किया जा रहा है ताकि आवास तथा व्यवसाय के लिए सुनियोजित स्थान प्रदान किए जा सकें। साथ ही उन्हें मुख्य शहर की भीड़भाड़ से दूर नए विकास केंद्र बनाने का भी मकसद है।

अधिकारियों ने बताया कि यह नीति आयोग द्वारा काशी-विंध्य क्षेत्र के लिए तैयार की गई क्षेत्रीय विकास योजना की तर्ज पर ही किया जा रहा है। आयोग ने इस क्षेत्र में अलग-अलग थीम पर 10 नई टाउनशिप बनाने का सुझाव दिया है। इन सभी टाउनशिप में काशी थीम होगी और सांस्कृतिक प्रासंगिकता एवं शहर की पहचान बनाए रखने के लिए सेक्टरों के नाम वैदिक नामों के आधार पर रखे जाएंगे।

आनंद काशी की कल्पना वाराणसी के मिश्रित उपयोग वाले अगले शहरी केंद्र के रूप में की गई है और इसे पर्यटन, वाणिज्य, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे तथा जीवन गुणवत्ता बेहतर बनाते हुए भविष्य में होने वाले विस्तार के अनुरूप शक्ल दी जा रही है। रेरा पंजीकरण पूरा होने के बाद वीडीए की पहली टाउनशिप यानी आनंद काशी के लिए बिक्री अगस्त के अंत या सितंबर तक शुरू होने की उम्मीद है।

इसके अलावा वीडीए कारोबार और संस्थानों के लिए अलग से एरोसिटी और मेडिसिटी की योजना भी बना रहा है। इन दोनों को काशी विंध्य क्षेत्र के व्यापक आर्थिक मास्टर प्लान से भी जोड़ा जा रहा है, जो पूरे क्षेत्र के लिए लॉजिस्टिक्स, पर्यटन से जुड़े कारोबार और औद्योगिक गलियारों की जरूरतें पूरी करता है।

वीडीए मानता है कि मकान खरीदने के लिहाज से वाराणसी उत्तर प्रदेश के सबसे महंगे शहरों में शुमार हो चुका है। इसलिए प्रधानमंत्री आवास योजना के ‘सभी के लिए आवास’ विचार के तहत कई मोर्चों पर काम हो रहा है।

सबसे पहले वीडीए आर्थिक रूप से कमजोर और कम आय वाले परिवारों के लिए 1,000 से अधिक ईडब्ल्यूएस/एलआईजी घरों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर रहा है। दूसरा, नई लैंड पूलिंग नीति सुनियोजित विकास के लिए बाजार में अधिक जमीन लाएगी, जिससे केवल कुछ हिस्सों में महंगी जमीन नहीं रहेगी बल्कि सभी जगह जमीन उपलब्ध होने से कीमत पर काबू रहेगा।

तीसरा, राज्य सरकार द्वारा हाल ही में मंजूर की गई पुनर्विकास नीति के तहत अधिक फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) प्राप्त करने के लिए वीडीए पुरानी और कम इस्तेमाल की गई आवास योजनाओं को पुनर्विकास के लिए ले रहा है। इससे शहर के भीतर पहले से विकसित भूमि पर आवास के अतिरिक्त विकल्प मुहैया कराए जा सकेंगे

वीडीए की बड़ी टाउनशिप परियोजनाएं आनंद काशी, रुद्र विहार और स्पोर्ट्स सिटी भी ऐसे डिजाइन की गई हैं, जिससे उनमें विभिन्न प्रकार के आवासों का मिश्रण हो और नया विकास केवल प्रीमियम वर्ग तक सीमित नहीं रहे। 

First Published : July 20, 2026 | 10:52 PM IST