राजनीति

नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद दतिया में बड़ा हंगामा, सामने आया पहला बयान: पार्टी फोरम में बात रखें

शनिवार सुबह नरोत्तम मिश्रा सामने आए और उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की और कहा कि उन्हें पार्टी फोरम पर उचित तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए

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संदीप कुमार   
Last Updated- July 11, 2026 | 4:29 PM IST

बमध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के स्थान पर आशुतोष तिवारी को टिकट दिए जाने के बाद मिश्रा समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। उनके समर्थकों ने नेशनल हाईवे-44 जाम कर दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा समेत कई पदाधिकारियों और भाजपा पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है। शनिवार सुबह नरोत्तम मिश्रा सामने आए और उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की और कहा कि उन्हें पार्टी फोरम पर उचित तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए।

उधर पार्टी के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी इस विषय पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ‘दतिया में पार्टी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी भारी मतों से जीतेंगे। मैं भविष्यवाणी करता हूं। पार्टी सोच समझकर निर्णय लेती है। मैं नरोत्तम जी को व्यक्तिगत तौर पर जानता हूं वे भी काम करेंगे।’ विजयवर्गीय ने कहा कि हर चुनाव में एक सीट पर कई उम्मीदवार होते हैं यह कोई नई बात नहीं है।

इस बीच नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से कहा, ‘दतिया उपचुनाव में टिकट देना पार्टी का फैसला है। पार्टी का फैसला सबसे ऊपर है।’ मिश्रा ने कहा कि मुझे सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो फुटेज दिखे हैं जिसमें कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं और उग्र नजर आ रहे हैं। उनसे अपील करना चाहता हूं की सभी शांति बरतें।  क्योंकि पार्टी फोरम में अपनी बात रखी जाती है। इस तरह का कोई भी विरोध न किया जाए।’

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भाजपा ने आशुतोष तिवारी को  बनाया प्रत्याशी

दरअसल, दतिया उपचुनाव में भाजपा ने आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाया है। जिसके बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन किया था। नेशनल हाईवे-44 को लगभग 11 घंटे तक जाम करने के कारण चार जिलों में यातायात बाधित हुआ था। वहीं दतिया शहर में भी उनके समर्थकों ने बाजार बंद करवाया था। जिसके बाद कुछ इलाकों में सर्मथकों की पुलिस झड़प भी हुई है।

बता दें कि साल 2023 के विधानसभा चुनााव में नरोत्तम मिश्रा कांग्रेस के राजेंद्र भारती से करीब 7,700 मतों से हार गए थे। ग्रामीण विकास बैंक में हुए घोटाले के मामले में सजा सुनाए जाने के बाद भारती की सदस्यता रद्द कर दी गई। उपचुनाव के आसार बनने के बाद नरोत्तम मिश्रा लगातार क्षेत्र में सक्रिय थे लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिल सका। मिश्रा प्रदेश के कद्दावर भाजपा नेताओं में शामिल हैं और अपनी कट्टर हिंदुत्ववादी छवि के लिए जाने जाते हैं। 

First Published : July 11, 2026 | 4:20 PM IST