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औद्योगिक विकास पर जोर देगी योगी सरकार

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Last Updated- December 15, 2022 | 2:29 AM IST

ईज ऑफ डूइंग (कारोबार सुगमता) बिजनेस रैंकिग में देश में दूसरे स्तर पर काबिज होने के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब तेजी से औद्योगिक विकास की राह पर चलेगी। प्रदेश सरकार की योजना जल्द ही महानगरों में औद्योगिक पार्क बनाने के साथ ही अलग-अलग उद्योगों के लिए पहले से बनी नीतियों में सुधार और नए क्षेत्रों के लिए अलग नीतियां बनाने की है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी, गोरखपुर, लखनऊ, आगरा, कानपुर, मुरादाबाद और आजमगढ़ में औद्योगिक पार्क बनाए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने चालू वित्त वर्ष के बचे हुए सात महीने में छोटे व मझोले उद्योगों को 57,000 करोड़ रुपये का और कर्ज देने का लक्ष्य रखा है। कोरोना संकट के दौर में बीते चार महीनों में प्रदेश सरकार ने एमएसएमई सेक्टर को 23,000 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में प्रदेश के दूसरा स्थान हासिल करने पर कहा कि आईटी के बेहतर इस्तेमाल और कारोबारियों से सीधे संवाद कर नीतियों को बनाने के साथ पूर्वी में घोषित नीतियों में संशोधन के चलते यह संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि इस रैंकिग में उंची छलांग के साथ ही यह साबित हो गया है कि यूपी अब निवेशकों व उद्यमियों का पसंदीदा गंतव्‍य बन चुका है। औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना के मुताबिक प्रौद्योगिकी के उपयोग, बिजऩेस-टु-गवर्नमेंट  (बी2जी) के सफल प्रयोग और निवेश मित्र पोर्टल ने प्रदेश की रैकिंग को उंचे स्तर पर ले जाने मं प्रमुख भूमिक निभाई है।

गौरतलब है कि शनिवार को केंद्र सरकार की ओर से जारी सालाना रैंकिंग में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में 10 स्थानों  की छलांग लगाते हुए उत्तर प्रदेश नें देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। इससे पहले 2017-18 के मूल्यांकन में उत्तर प्रदेश देश में 12 वें स्थान पर था। इस वर्ष उत्तर प्रदेश ने अनेक प्रगतिशील व अग्रणी राज्यों, जैसे- गुजरात, तेलंगाना, राजस्थान व महाराष्ट्र को पीछे छोड़ते हुए ईज़ ऑफ डूइंग बिजऩेस में यह अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने भारत सरकार के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा संस्तुत 187 सुधारों में से 186 सुधारों को लागू किया है। इस साल राज्यों का मूल्यांकन पूरी तरह से यूजर फीडबैक पर आधारित था।

उत्तर प्रदेश की रैंकिंग में सुधार के पीछे सिंगल विंडो सिस्सटम के तहत शुरु किए गए निवेश मित्र पोर्टल को प्रमुख कारण बताते हुए अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन ने कहा कि ईज़ ऑफ डूइंग बिजऩेस में उत्तर प्रदेश की इस उपलब्धि के पीछे बड़ी वजह सुधारों, सुझावों को तेजी से लागू करना रहा है। बीते दो सालों में अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) पाने के लिए निवेश मित्र पर उद्यमियों के लगभग 2,29,936 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें से अब तक 94 फीसदी एनओसी व लाइसेंस आवेदनों का निस्तारण किया जा चुका है। निवेश मित्र पर उद्यमियों से मिली शिकायतों में से 98 फीसदी का निस्तारण कर दिया गया है।

अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार के मुताबिक ईज़ ऑफ डूइंग बिजऩेस के मापदंडों पर आधारित सभी 75 जिलों की मासिक रैंकिंग जैसे कदम आने वाले समय में अनुकूल कारोबारी माहौल तैयार करेंगे।

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First Published - September 8, 2020 | 12:41 AM IST

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