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महाराष्ट्र में यात्रियों के लिए बनेगें स्काईवॉक

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Last Updated- December 07, 2022 | 6:40 PM IST

महाराष्ट्र में बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) स्काईवॉक की सफलता से उत्साहित होकर राज्य सरकार ने ऐसे 50 और स्काईवॉक के निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है।

सरकार इस योजना पर तकरीबन 650 करोड़ रुपये खर्च करेगी। वैसे, राज्य सरकार बीकेसी स्काईवॉक से अलग हट कर सड़क के किनारे और रेलवे स्टेशनों के पास फुटपाथों से हॉकरों को इन स्काईवॉक में स्थानांतरित करने की योजना बना रही है।

गौरतलब है कि स्काईवॉक रेलवे स्टेशनों के पास पैदल यात्रियों को ध्यान में रख कर बनाए जाते हैं। मुंबई ट्रांसपोर्ट सपोर्ट यूनिट के परियोजना प्रबंधक यू. पी. एस. मदान ने कहा, ‘हॉकरों को हटाए जाने या स्काईवॉक में स्थानांतरित किए जाने की हमारी योजना का मकसद फुटपाथों को हॉकरों से मुक्त बनाना है।

इससे पैदल यात्रियों और हॉकरों दोनों को फायदा होगा। पैदल यात्रियों को स्काईवॉक से अपनी रोजाना की खरीदारी करने में सहूलियत होगी। हॉकर यानी खोमचे वाले या फेरीवाले भी स्काईवॉक में अपना सामान बेच सकेंगे।’

फिलहाल ऐसे कई प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं जहां सड़क के किनारे बड़ी तादाद में हॉकरों को देखा जा सकता है। राज्य के दादर, अंधेरी और बोरीवली इलाकों में बड़ी संख्या में हॉकर मौजूद हैं।

राज्य सरकार ने उन सभी प्रमुख सब-अर्बन रेलवे स्टेशनों के पास 50 स्काईवॉक बनाने की योजना बनाई है जहां सड़क के किनारे वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है।

इन स्टेशनों में पश्चिमी उप-नगरों में दादर, अंधेरी और बोरीवली और पूर्वी उप-नगरों में कुर्ला, घाटकोपर, कंजूर-मार्ग और मुलुंद शामिल हैं। इन स्काईवॉक की कुल लंबाई 100 किलोमीटर होगी।

मदान ने कहा, ‘हमने स्टेशन के किनारे रहने वाले हॉकरों को स्काईवॉक में शिफ्ट करने का फैसला किया है। ऐसा कर फुटपाथों को हॉकरों से मुक्त बनाया जा सकेगा और इससे स्टेशन के पास वाहनों की आवाजाही सुगम होगी।’

इस नई योजना के तहत हॉकरों से लिए जाने वाले शुल्क के ढांचे में बदलाव नहीं किए जाने की संभावना है। फिलहाल मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (एमएमसी) सड़क के पास सामान बेचने वाले हॉकरों से कुछ शुल्क वसूलता है और स्काईवॉक योजना में भी इसे जारी रखे जाने की संभावना है।

मदान ने बताया, ‘इस मामले में राज्य सरकार एमएमसी की कार्य प्रणाली में हस्तक्षेप नहीं करेगी।’ इन 50 स्काईवॉक में से 17 का निर्माण महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमएसआरडीसी) और बॉकी स्काईवॉक का निर्माण मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) द्वारा किया जाएगा।

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First Published - August 24, 2008 | 10:08 PM IST

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