facebookmetapixel
Advertisement
चीन की अर्थव्यवस्था पर संकट के संकेत? सरकार ने तुरंत बदली स्ट्रैटेजीMP Farmer Protest: मप्र सरकार ने आंशिक रूप से मानी मांगें, किसानों का प्रदर्शन खत्मITR Filing Alert: अभी तक नहीं भरा ITR? अब 48 घंटे से भी कम बचा है समय, जानें ऑनलाइन फाइल करने का आसान तरीकाभारत की सबसे बड़ी दौलत पर सिर्फ 10 लोगों का कब्जा, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा1 अगस्त से फिलहाल नहीं बदलेंगे ई-वे बिल के नियम, GSTN ने जारी की नई एडवाइजरीअब किराना खरीदने से लेकर बिजली बिल भरने तक होगी कमाई! Google Pay-SBI Card का नया क्रेडिट कार्ड आयाXtranet Technologies IPO Listing: NSE पर 7% प्रीमियम के साथ हुई एंट्री, BSE पर भी निवेशकों को मिला लिस्टिंग गेनLohia Corp Listing: IPO निवेशकों की हुई बल्ले-बल्ले! Lohia Corp की दमदार लिस्टिंग, पहले दिन ही ₹500 के ऊपरINDO-MIM Listing: BSE और NSE पर 44% प्रीमियम के साथ हुई दमदार एंट्री, पहले ही दिन शेयर ₹725 के पारCholamandalam vs Tata Capital: किस NBFC पर ज्यादा भरोसा? ब्रोकरेज की राय में कहां कमाई का बेहतर मौका?

इस साल कहीं खाली न रह जाए ‘धान का कटोरा

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 10:46 PM IST

इस साल देश में धान का उत्पादन 15 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है लेकिन इसके बावजूद धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में बारिश की बेरुखी के कारण उत्पादन के 10 प्रतिशत से 15 प्रतिशत कम रह जाने का अनुमान है।


राज्य के कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से जो खबरें आ रही हैं, उसके आधार पर यह माना जा रहा है कि बीते साल के मुकाबले इस साल धान का उत्पादन 10 से 15 प्रतिशत तक कम रहेगा। धान के आकलन के लिए आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान ये अनुमान व्यक्त किए गए। राज्य के कृषि निदेशालय के उप निदेशक आर के चंद्रवंशी ने बताया कि विभाग को इस साल 20 से 22 क्विंटल प्रति हेक्टेयर धान की पैदावार का अनुमान है जबकि मानक उत्पादन प्रति हेक्टेयर 27 क्विंटल है।


कम उत्पादन के आधार पर छत्तीसगढ़ सरकार ने इस साल खरीफ सत्र के दौरान 52 लाख टन चावल तैयार होने का अनुमान लगाया है। उल्लेखनीय है कि बीते साल राज्य में 54 लाख टन पैदावार हुई थी। कृषि वैज्ञानिक संकेत ठाकुर ने बताया कि उत्पादन में और कमी आएगी और और सरकार को अभी उत्पादन के अनुमान में और कमी करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इस साल राज्य में मानसून अच्छा नहीं रहा है इसलिए किसी भी सूरत में पैदावर प्रति हेक्टेयर 16 क्विंटल से अधिक नहीं होगी।

Advertisement
First Published - October 3, 2008 | 9:55 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement