facebookmetapixel
Advertisement
पश्चिम एशिया संकट पर PM मोदी की हाई लेवल बैठक, उर्वरक और एनर्जी सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देशउदारीकरण के 35 साल: कागजी सर्टिफिकेट से T+1 तक का सफर, भारतीय पूंजी बाजार के बदलाव की कहानीआनंद महिंद्रा का बड़ा संदेश: अनिश्चितता में अवसर, आक्रामक रणनीति से होगी ग्रोथRBI का बड़ा फैसला: अब बैंक बल्क डिपॉजिट पर तय कर सकेंगे अलग ब्याज दरें, 1 अक्टूबर से लागू होंगे नए नियमNTPC का बड़ा बदलाव: पहली बार कोयला परियोजनाओं से आगे निकली रिन्यूएबल ऊर्जा, FY37 तक 250 GW क्षमता का लक्ष्यSun Pharma को ब्राजील में सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन बेचने की मंजूरी, GLP-1 पोर्टफोलियो होगा मजबूतक्रिसकैपिटल ने पूरी की नोवार्टिस इंडिया में हिस्सेदारी खरीदने की प्रक्रिया, नए CEO और बोर्ड का ऐलानRPG Life Sciences ने अपना API कारोबार अलग किया, InvAscent करेगा ₹243 करोड़ का निवेशM&M Q1FY27 Results: SUV और ट्रैक्टर की दमदार बिक्री से मुनाफा 34% बढ़ा, FY31 तक दोगुनी होगी उत्पादन क्षमताTata Steel Q1 Results: मुनाफा 14% बढ़कर ₹2,318 करोड़, एएम/एनएस इंडिया का एबिटा 28.5% बढ़ा

उत्तराखंड में औद्योगिक नीति को मिली मंजूरी

Advertisement
Last Updated- December 08, 2022 | 12:07 AM IST

उत्तराखंड के दूरदराज इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए राज्य सरकार ‘विशेष एकीकृत औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2008’ के कार्यान्वयन के लिए तैयार है।


इस नीति को राज्य के मुख्यमंत्री बी. सी. खंडूड़ी की मंजूरी भी मिल चुकी है। सरकार औद्योगिक इकाइयों के लिए बिजली की नई दरों को लागू करने वाले नए दिशा-निर्देशों को भी एक-दो दिन में घोषित कर देगी। 

औद्योगिक सचिव पी. सी. शर्मा ने बताया, ‘ये नए दिशा-निर्देश तैयार हैं और इन्हें मंजूरी भी मिल चुकी है।’ विशेषज्ञों का कहना है कि इस नई नीति को मुख्य तौर पर 1 अप्रैल को प्रस्तावित किया गया था। इस नीति में विशेष बिजली करों से शत प्रतिशत छूट देने की बात कही है।

ऐसा पहली बार है जब सरकार ने औद्योगिक और बिजली की नीतियों को एक साथ पारित किया है। इसका कारण इन दोनों नीतियों का एक-दूसरे का पूरक होना है। नई नीति में सुदूरवर्ती और पहाड़ी इलाकों को मिलने वाली सुविधाओं के हिसाब से ए और बी दो समूहों में बांटा है। इस नीति के तहत 5 करोड़ रुपये के निवेश की बात कही गई है।

साथ ही इतने ही निवेश में इस नीति को मेगा योजना का तमगा भी पहना दिया गया है। जबकि इसके पहले 2003 की औद्योगिक नीति के तहत 50 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश वाली योजनाओं को ही मेगा योजना का खिताब दिया जाता था।

Advertisement
First Published - October 16, 2008 | 9:29 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement