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बिहार को खुद पर भरोसा

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Last Updated- December 07, 2022 | 5:04 PM IST

सड़क निर्माण को लेकर बिहार सरकार का इरादा अब बदल चुका है। अब राज्य सरकार इन कार्यों के लिए राज्य की एजेंसियों पर ही भरोसा करने लगी है।


केंद्र सरकार की ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत बनी अधिकार प्राप्त समिति ने यह सुझाव दिया है कि राज्य के कई जिलों में सड़क निर्माण का कार्य राज्य सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग को सौंप दिया जाए। इन सड़कों का निर्माण केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध राशि से कराई जाएगी।

आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार ने राज्य में 2880.443 किलोमीटर सड़क निर्माण का काम राज्य सरकार को आवंटित कर दिया है। इस पूरी परियोजना के अंतर्गत पूरे राज्य में 705 सड़कें बनाए जाने का प्रस्ताव है। इस निर्माण कार्य में कुल 1245.86 करोड़ रुपये की राशि खर्च होने का अनुमान है।

रूरल इंजीनियरिंग ऑर्गेनाइजेशन (आरईओ) से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस परियोजना के तहत छपरा में 279, बांका में 129, पूर्णिया में 84, कटिहार में 60, भभुआ में 51, औरंगाबाद में 54, जहानाबाद में 48 सड़कों का निर्माण कार्य शामिल किया गया है।

इन सड़कों के निर्माण कार्य के लिए निविदा और कार्य-प्रारूप के आवंटन का काम भी ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया जाएगा। राज्य ग्रामीण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राशि की उपलब्धता के बाद ही कार्य प्रारूप का निर्धारण संभव हो पाएगा।

उन्होंने कहा कि इन जिलों में सड़क निर्माण की प्रक्रिया की रूपरेखा और उसके बाद निविदा आमंत्रण की प्रक्रिया राशि की घोषणा के बाद की जाएगी। जिलों के हिसाब से जिस प्रकार सड़कों के निर्माण का मसौदा तैयार किया गया है, उससे तो यही लगता है कि राशि की उपलब्धता के बाद ही आगे बढ़ा जा सकता है।

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First Published - August 17, 2008 | 11:12 PM IST

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