संपादकीय

Editorial: ऐपल के नए सीईओ के समक्ष चुनौती

कुक सितंबर तक इस कंपनी का संचालन करते रहेंगे ताकि हार्डवेयर विकास का नेतृत्व कर रहे इंजीनियर टर्नस नई भूमिका में सहजता से ढल सकें

Published by
बीएस संपादकीय   
Last Updated- April 24, 2026 | 9:55 PM IST

उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ऐपल में उत्तराधिकार योजना पर काफी समय से काम चल रहा था, जिसके तहत टिम कुक कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में शीर्ष पद संभालेंगे और जॉन टर्नस मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) का पदभार ग्रहण करेंगे। कुक सितंबर तक इस कंपनी का संचालन करते रहेंगे ताकि हार्डवेयर विकास का नेतृत्व कर रहे इंजीनियर टर्नस नई भूमिका में सहजता से ढल सकें।

कुक ने सितंबर 2011 में दिग्गज स्टीव जॉब्स से पदभार ग्रहण किया था और किसी भी पैमाने पर उनका 15 वर्षों का कार्यकाल बेहद सफल रहा है। वर्ष 2011 में ऐपल का बाजार मूल्यांकन लगभग 400 अरब डॉलर था और अब यह 4 लाख करोड़ डॉलर से अधिक है। दुनिया भर में 250 करोड़ से अधिक सक्रिय ऐपल डिवाइस हैं और कंपनी उच्च-स्तरीय उत्पादों में अग्रणी है। इसके प्रशंसकों की संख्या भी बहुत अधिक है।

लेकिन डिजिटल इकोसिस्टम में ऐपल की स्थिति और उसमें हो रहे तीव्र बदलावों को देखते हुए, नए सीईओ को केवल अपने पूर्ववर्ती द्वारा स्थापित बुनियाद पर ही आगे नहीं बढ़ना चाहिए। टर्नस को आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के नए और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में ऐपल के लिए और अधिक स्थान बनाने के लिए संघर्ष करना होगा।

दुनिया की अधिकांश डिजिटल दिग्गज कंपनियां या तो हार्डवेयर पर ध्यान केंद्रित करती हैं, जैसे कि एनवीडिया, या सॉफ्टवेयर और सोशल मीडिया पर। अब ये सभी कंपनियां एआई का लाभ उठाने और नए उत्पाद बनाने तथा राजस्व के नए स्रोत खोलने के लिए प्रयासरत हैं। ऐपल इस मामले में अपवाद है क्योंकि वह ऐसे उत्पाद पेश करती है जो हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को सहजता से एकीकृत करते हैं, जिससे उपयोगकर्ता के लिए सुगम और उच्च स्तरीय अनुभव प्राप्त होता है।

इसके अलावा आईफोन उपयोगकर्ता अपने वर्क फ्लो को मैक पर स्थानांतरित कर सकते हैं और सब कुछ आईक्लाउड पर सुरक्षित रूप से स्टोर कर सकते हैं। ऐपल को डिजिटल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी के बजाय उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स की दिग्गज कंपनी कहना अधिक उचित होगा। लेकिन पिछले दो वर्षों से यह चर्चा चल रही है कि एआई को अपनाने और उसे उपयोगकर्ता के अनुकूल तरीके से प्रस्तुत करने में ऐपल पिछड़ गई है।

सिरी (वर्चुअल असिस्टेंट) अपने ऐंड्रॉयड प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में कम नवीन और कम एआई-सक्षम प्रतीत होती है, और ऐपल इंटेलिजेंस को ग्रोक, क्लाॅड और चैटजीपीटी की तरह उत्साह के साथ नहीं अपनाया गया है। एआई के मामले में ऐपल अग्रणी नहीं है, और इस नई होड़ में पिछड़ने से बाजार हिस्सेदारी में भारी गिरावट आ सकती है। यह सुनिश्चित करना टर्नस की जिम्मेदारी है कि ऐसा न हो।

टर्नस एक अनुभवी इंजीनियर हैं, जिन्होंने ऐपल चिप के विकास और हर ऐपल डिवाइस के संवाद सुनिश्चित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए वह नई तकनीकों को समझने और उन्हें लागू करने में सक्षम प्रतीत होते हैं। लेकिन बाजार में उतरने का समय बेहद कम है। ऐपल इंटेलिजेंस की वर्तमान क्षमता से आगे बढ़कर एआई कौशल और आंतरिक क्षमता विकसित करने में बहुत समय लग सकता है।

प्रासंगिक बने रहने के लिए, ऐपल को बाजार में उपलब्ध उत्पादों के समान अनुभव प्रदान करना होगा। और आदर्श रूप से ऐपल को इससे भी आगे जाना होगा। इसलिए, टर्नस को नए गठजोड़ बनाने होंगे। खबरों के अनुसार, ऐपल ओपनएआई से बातचीत कर रही है। ऐसी भी खबरें हैं कि ऐपल परप्लेक्सिटी का अधिग्रहण करने पर विचार कर रही है। यह अरबों डॉलर का सौदा होगा, लेकिन ऐपल इसे आसानी से वहन कर सकती है।

अधिग्रहण ही सफलता का रास्ता हो सकता है, चाहे वह परप्लेक्सिटी हो या एआई से संबंधित महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों के अन्य खिलाड़ी। टर्नस आमतौर पर बातचीत में आगे रहने के बजाय पर्दे के पीछे रहकर काम करते रहे हैं। एक इंजीनियर के रूप में उन्हें सौदेबाजी की कला में नए कौशल जल्दी से सीखने होंगे। पदभार संभालने के बाद शायद यही सबसे बड़ी चुनौती होगी जिसका सामना उन्हें व्यक्तिगत मोर्चे पर करना पड़ेगा।

First Published : April 24, 2026 | 9:50 PM IST