प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
ITR Filing 2026: देश में अभी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की समय चल है, जिसकी अंतिम तारीख 31 जुलाई है। टैक्स फाइलिंग सीजन के इस व्यस्त समय में Paytm और टैक्स-फाइलिंग प्लेटफॉर्म ClearTax ने टैक्सपेयर्स की सुविधा के लिए एक साझेदारी की है। इसके तहत करोड़ों टैक्सपेयर्स के लिए टैक्स फाइलिंग की सुविधा अब Paytm ऐप पर मिलेगी, जिसके लिए उन्हें 11 रुपये की शुरुआती कीमत अदा करनी होगी।
आमतौर पर टैक्सपेयर्स ITR फाइलिंग के लिए किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) या प्राइवेट टैक्स पोर्टल की मदद लेते हैं, जिसके लिए उन्हें एक मोटी फीस चुकानी पड़ती है। Paytm और ClearTax ने टैक्सपेयर्स की इस समस्या के निदान की कोशिश की है।
इस सर्विस से इन टैक्सपेयर्स को फायदा मिलेगा:
1. वेतनभोगी कर्मचारी (Salaried Class): जिन्हें Form 16 के आधार पर आसान फाइलिंग करनी होती है।
2. वरिष्ठ नागरिक एवं पेंशनभोगी: जिन्हें बैंक ब्याज और पेंशन आय का हिसाब देना होता है।
3. रिटेल निवेशक: जो शेयर बाजार, म्युचुअल फंड या डिजिटल एसेट्स से थोड़ी बहुत कमाई करते हैं।
अक्सर टैक्स भरते समय लोग Form 16 या 26AS की उलझनों और कठिन शब्दों से घबरा जाते हैं। Paytm ऐप पर ClearTax की तकनीक इस पूरी प्रक्रिया को सिर्फ 3 से 4 मिनट का काम बना देती है:
1. प्री-फिल्ड डेटा सिस्टम: इनकम टैक्स डिपार्मेंट के आधिकारिक डेटाबेस से उपयोगकर्ता का PAN, TDS कटौती और बैंक खातों की जानकारी अपने आप आ जाती है।
2. स्मार्ट फॉर्म चयन (Auto-ITR Selection): टैक्सपेयर्स को यह सोचने की जरूरत नहीं है कि उसे कौन सा ITR फॉर्म भरना है। सिस्टम आपकी इनकम सोर्स के हिसाब से सही फॉर्म चुन लेता है।
3. न्यू और ओल्ड टैक्स रिजीम में तुलान: इसमें मौजूद AI बेस्ड एल्गोरिदम तुरंत कैलकुलेशन करके बता देगा कि न्यू टैक्स रिजीम में ज्यादा फायदा है या ओल्ड टैक्स रिजीम में। इससे टैक्सपेयर्स के लिए सही टैक्स रिजीम चुनना आसान हो जाएगा।
इसके अलावा अगर टैक्सपेयर्स के पास ITR फाइल करने के बाद टैक्स डिपार्टमेंट से कोई नोटिस आता है तो इसमें ‘फ्री नोटिस प्रोटेक्शन (Notice Protection)’ को शामिल किया गया है, जो टैक्सपेयर्स की मदद करेगा।
Paytm ऐप के माध्यम से ITR फाइल के लिए किसी लैपटॉप या भारी-भरकम कागजात की जरूरत नहीं है। आप अपने स्मार्टफोन से ही इन आसान स्टेप्स में रिटर्न फाइल कर सकते हैं:
ClearTax के CEO और फाउंडर अर्चित गुप्ता का कहना है कि अंतिम समय में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के सर्वर पर ट्रैफिक ज्यादा होने के कारण साइट स्लो होने का खतरा रहता है। इसके अलावा, 31 जुलाई की समय सीमा बीत जाने के बाद रिटर्न फाइल करने पर धारा 234F के तहत 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की पेनल्टी देनी पड़ सकती है और टैक्स रिफंड में भी महीनों की देरी हो सकती है। इसी समस्या से बचने के लिए समय रहते सिर्फ 11 रुपये खर्च करके इस डिजिटल और सुरक्षित सुविधा का फायदा टैक्सपेयर्स उठा सकते हैं।