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खरीफ फसलों की बोआई और सुधरी, रकबा में कमी अब 5 फीसदी से नीचे

खरीफ फसलों की 24 जुलाई तक कुल बोआई 4.92% घटकर 787.4 लाख हेक्टेयर रह गई, इससे पहले यह कमी 6% थी।

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रामवीर सिंह गुर्जर   
Last Updated- July 27, 2026 | 6:25 PM IST

चालू खरीफ सीजन में इस महीने खरीफ फसलों की बोआई में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। अब खरीफ फसलों के रकबा में कमी घटकर 5 फीसदी से नीचे रह गई है। पहले यह कमी 6 फीसदी थी। इस सीजन की प्रमुख फसलों में शामिल सोयाबीन, मूंगफली, उड़द की बोआई तेजी से सुधरी है। खरीफ फसलों की बोआई सुधरने की वजह उत्पादक इलाकों में अच्छी बारिश होना मानी जा रही है।

बोआई सामान्य के 71% तक पहुंची

केंद्रीय कृ​षि व किसान कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक चालू खरीफ सीजन में 24 जुलाई को समाप्त सप्ताह तक खरीफ फसलों की कुल बोआई  787.4 लाख हेक्टेयर दर्ज की गई, जो पिछले साल इस समय तक बोआई  826.2 लाख हेक्टेयर से 4.92 फीसदी कम है। खरीफ फसलों का सामान्य रकबा 1,104.46 लाख हेक्टेयर है। इस तरह सामान्य रकबा के 71 फीसदी के बराबर खरीफ फसलें बोई जा चुकी हैं।

 24 जुलाई तक कपास की बोआई 3.89 फीसदी घटकर 98.7 लाख हेक्टेयर रह गई। पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुआई 102.7 लाख हेक्टेयर में हुई थी।इस दौरान गन्ने का रकबा 1.50 फीसदी बढ़कर 57.58 लाख हेक्टेयर हो गया।

धान के रकबा में कमी बढ़ी

खरीफ फसलों की कुल बोआई में भले सुधार देखने को मिला हो, लेकिन 24 जुलाई को समाप्त सप्ताह में धान के रकबा में कमी और बढ़ गई। 24 जुलाई तक 234.43 लाख हेक्टेयर में धान की बोआई हो चुकी है, जो पिछली समान अव​धि के रकबा 240.62 लाख हेक्टेयर से 2.57 फीसदी कम है। इससे पहले वाले सप्ताह तक यह कमी महज 0.85 फीसदी थी। इस सीजन में धान का सामान्य रकबा 412 लाख हेक्टेयर है। इस तरह सामान्य रकबा के 57 फीसदी में धान की बोआई हो चुकी है। 

तिलहन बोआई में तेज सुधार

सरकारी आंकड़ों के अनुसार चालू खरीफ सीजन में 24 जुलाई तक 154.62 लाख हेक्टेयर में तिलहन फसलें बोई जा चुकी हैं, जो पिछली समान अवधि में बोई गईं 159.03 लाख हेक्टेयर से 2.77 फीसदी कम है, जबकि 17 जुलाई तक इनका रकबा 5.54 फीसदी कम था। इस सीजन की प्रमुख तिलहन फसल सोयाबीन का रकबा करीब 3 फीसदी घटकर 113.65 लाख हेक्टेयर रह गया । 17 जुलाई तक इसकी बोआई में 4.53 फीसदी गिरावट दर्ज की गई थी। 24 जुलाई को समाप्त सप्ताह तक मूंगफली का रकबा करीब 1.42 फीसदी घटकर 40.20 लाख हेक्टेयर रह गया, जबकि इससे पहले वाले सप्ताह तक यह कमी 8.4 फीसदी थी।

दलहन रकबा 10 फीसदी घटा

सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस खरीफ सीजन में 24 जुलाई तक दलहन फसलों की बोआई 84.57 लाख हेक्टेयर रही, जो पिछली समान अवधि की बोआई 81.52 लाख हेक्टेयर से करीब 7.54 फीसदी कम है, जबकि 17 जुलाई यह 15 फीसदी कम थी। इस सीजन की सबसे बड़ी दलहन फसल अरहर का रकबा 11.63 फीसदी घटकर 31.17 लाख हेक्टेयर रह गया। इससे पहले वाले सप्ताह में यह गिरावट 17.80 फीसदी थी। इस दौरान मूंग का रकबा करीब 5.28 फीसदी घटकर  26.89 लाख हेक्टेयर रह गया, वहीं उड़द का रकबा तो 8 फीसदी बढ़कर 18.67 लाख हेक्टेयर हो गया, जबकि 17 जुलाई तक इसमें 5.92 फीसदी कमी आई थी। 

मोटे अनाजों की बोआई पिछड़ी

चालू खरीफ सीजन में मोटे अनाजों का रकबा भी पिछड़ रहा है। 24 जुलाई तक इन अनाजों का रकबा 142.21 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया, जो पिछली समान अवधि की बोआई 161.49 लाख हेक्टेयर से 11.94 फीसदी कम है। इन अनाजाें में बाजरा की बोआई 14.71 फीसदी घटकर 49.54 लाख हेक्टेयर और मक्का की 9.70 फीसदी फीसदी घटकर 77.79 लाख हेक्टेयर रह गई। 17 जुलाई तक इनके रकबा में क्रमश: 18.49 फीसदी और 5 फीसदी कमी आई थी।

First Published : July 27, 2026 | 6:10 PM IST