प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
ज्वैलरी बाजार में इन दिनों खास रौनक दिखाई दे रही है। यह रौनक शादी-विवाह, धनतेरस-दिवाली या गुड़ी पड़वा की वजह से नहीं, बल्कि गणेशोत्सव की धूम के कारण है। छोटे-बड़े गणेश पंडालों के साथ-साथ आम घरों में भी गणेश प्रतिमाओं को सजाने के लिए सोने-चांदी के आभूषणों की जोरदार मांग है। गणेशोत्सव के दौरान सिर्फ मुंबई में 200 टन सोने के आभूषणों की बिक्री होने वाली है, जबकि देशभर में यह आंकड़ा करीब 250 टन तक पहुंचने की उम्मीद है।
गणेशोत्सव शुरू होने से पहले गणपति बप्पा के भव्य स्वागत की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। ज्वैलरी बाजार में भी खास रौनक देखने को मिल रही है। इस साल गणेशोत्सव के दौरान शादी-विवाह के सीजन से ज्यादा मांग देखने को मिल रही है। गणेशोत्सव शुरू होने से करीब पांच दिन पहले ही मांग में तेजी आ गई थी। इसकी वजह घरों में विराजमान होने वाली गणेश प्रतिमाओं के लिए खरीदे जा रहे आभूषण हैं।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार जैन के मुताबिक, गणेश चतुर्थी तक करीब 4,000 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है।
इस साल शादियों, दिवाली और गुड़ी पड़वा के मुकाबले गणेश प्रतिमाओं के लिए सोने के गहने खरीदने की ज्यादा मांग है। देश के सबसे बड़े रत्न एवं आभूषण बाजार जावेरी बाजार में ज्वैलर्स गणेश प्रतिमाओं को सजाने के लिए खास ज्वैलरी तैयार कर रहे हैं।
ज्वैलर्स के मुताबिक, गणेश पादुका (सैंडल), नेकलेस, चूहे, जासवंती के पत्ते, जासवंती के फूल, गणेश की मूर्तियां, चेन, ईयररिंग्स, बाजूबंद, त्रिशूल और हनुमान की गदा जैसे गहनों की सबसे ज्यादा मांग है। बढ़ी हुई मांग को समय पर पूरा करने के लिए कारीगर दिन-रात काम कर रहे हैं।
दरअसल, गणेश को मन्नतों का देवता भी माना जाता है। जिन गणेश भक्तों की मन्नतें पूरी हुई हैं, वे जमकर खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में 10 ग्राम से लेकर 150 ग्राम तक के सोने के हार, पादुका पत्र, 15 ग्राम से 25 ग्राम तक के सोने के मोदक और चूड़े के अलावा फूलों की भी खरीदारी हो रही है।
मुंबई सर्राफा बाजार में हर दिन 200 से 225 करोड़ रुपये के गहने बिक रहे हैं। यहां रोजाना करीब 150 हारों की बिक्री हो रही है।
जावेरी बाजार के ज्वैलर्स के मुताबिक, सोना महंगा होने का खरीदारी पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। पिछले साल के मुकाबले इस बार सोने के दाम करीब 40 फीसदी ज्यादा हैं, इसके बावजूद ज्वैलरी की मांग दोगुनी है।
ज्वैलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, सिर्फ बप्पा की ज्वैलरी की मांग के चलते गणेशोत्सव के दौरान मुंबई सर्राफा बाजार में 200 टन से ज्यादा सोना बिकने की उम्मीद है। 2024 में गणेशोत्सव के दौरान सोने का भाव 10 ग्राम के लिए 85,000 रुपये था। उस समय करीब 80 टन सोना बिका था। 2025 में गणेशोत्सव के दौरान यही रेट GST समेत 1,10,000 रुपये था, जबकि इस साल यही रेट करीब 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम है।
सोने के मुकाबले चांदी के बाजार में ज्यादा रौनक देखने को मिल रही है। चांदी के मोदक और चूहे की सबसे ज्यादा बिक्री हो रही है।
सिल्वर इम्पोरियल के राहुल मेहता के मुताबिक, गणेश प्रतिमाओं के लिए चांदी के बड़े और आकर्षक आभूषण तैयार करवाए गए हैं। इनमें मुकुट, कंठहार, कड़े, पादुकाएं, हाथों के आभूषण और सूंड व कानों के खास गहने शामिल हैं।
गणेश पंडालों के लिए तैयार किए जाने वाले आभूषण सामान्य गहनों के मुकाबले कई गुना बड़े होते हैं और उन्हें प्रतिमा के आकार के हिसाब से तैयार किया जाता है। वहीं, रिटेल बिक्री के लिए आभूषण बाजार के मौजूदा रुझान के हिसाब से तैयार किए जाते हैं।
इस बार 50 ग्राम से लेकर सवा किलो तक के चांदी के चूहे की सबसे ज्यादा मांग है। इसके अलावा 20 ग्राम से 100 ग्राम तक के चांदी के मोदक भी खूब बिक रहे हैं।