प्रतीकात्मक तस्वीर
पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने गैर-सरकारी क्षेत्र के लिए गारंटीशुदा रिटर्न पेंशन योजना की दिशा में काम करने के लिए एक समिति का गठन किया है। पीफआरडीए के अध्यक्ष शिवासुब्रमण्यन रमण ने गुरुवार को ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के मौके पर यह जानकारी दी। रमण ने बताया कि नियामक एक विशेषज्ञ समिति के साथ मिलकर कई योजनाओं पर काम कर रहा है, जो अंततः एक पूर्ण गारंटीशुदा योजना की ओर ले जाएंगे।
उन्होंने कहा, हमें गारंटीशुदा रिटर्न योजना पर काम करना होगा, क्योंकि हमारे अधिनियम में ऐसा करने का निर्देश है। सबसे मुश्किल काम यह है कि जब हम गैर-सरकारी क्षेत्र के लिए इस तरह की पेंशन योजना बनाएंगे, तो गारंटी कौन देगा? और असल में इसी बात पर हम विशेषज्ञ समूह के साथ काम कर रहे हैं। हमने एक समिति बनाई है और हम उनके साथ काम कर रहे हैं। हम कई तरह योजनाओं पर विचार कर रहे हैं ताकि एक गारंटीशुदा योजना तैयार की जा सके।’
एक अंतरिम कदम के तौर पर पीएफआरडीए ने सेवानिवृत्ति आय योजना पेश की है। इसमें कोई गारंटी तो नहीं है, लेकिन इसे इस तरह से तैयार किया गया है कि 60 से 80 साल की उम्र के बीच सेवानिवृत्ति कोष ज्यादा बेहतर तरीके से बढ़ सके और सदस्य हर महीने पैसे निकाल सकें।
इसके अलावा रमण ने कहा कि पीएफआरडीए ऐसे नए तरह के बॉन्ड जारी करने पर काम कर रहा है जो प्रस्तावित गारंटीशुदा पेंशन योजना के लिए महंगाई से सुरक्षा वाले नतीजे दे सकें। उन्होंने बताया कि अभी बाजार में मिलने वाली एन्युइटी महंगाई से सुरक्षित नहीं होती हैं और नए बॉन्ड इसी कमी को दूर करने के लिए लाए जा रहे हैं।