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2 साल से फंसा SMID इंडेक्स, क्या अब आएगी बड़ी तेजी या फिर गिरावट?

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Smallcap-Midcap में बड़ी वापसी के बाद क्या अब आएगा ब्रेकआउट या फिर रहेगा ठहराव? रिपोर्ट में बड़ा संकेत

Last Updated- April 22, 2026 | 3:43 PM IST
IT Stocks

अप्रैल में सीजफायर के बाद बीएसई स्मॉल और मिडकैप (SMID) इंडेक्स फिर से अपने पुराने स्तर के करीब पहुंच गया है। हालांकि पिछले दो साल से यह इंडेक्स एक सीमित दायरे में ही घूम रहा है और अब भी इसके तेजी से ऊपर निकलने को लेकर एक्सपर्ट्स को शक है। रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल इसमें बड़ी तेजी की संभावना कम नजर आ रही है।

वैल्यूएशन अब भी महंगे

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट बताती है कि SMID शेयर अभी भी महंगे स्तर पर ट्रेड कर रहे हैं। ये अपने ऐतिहासिक औसत के मुकाबले प्रीमियम पर हैं। आमतौर पर ऐसे महंगे वैल्यूएशन पर निवेशकों को लंबे समय में कम रिटर्न मिलता है। यानी पिछले दो साल में भले ही बाजार ज्यादा नहीं बढ़ा हो, लेकिन कीमतें अभी भी सस्ती नहीं हुई हैं।

SMID शेयर निफ्टी के मुकाबले करीब 40 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं, जबकि सामान्य तौर पर यह अंतर कम होता है। इसके अलावा अमेरिकी स्मॉल और मिडकैप शेयरों के मुकाबले भी ये ज्यादा महंगे हैं। यह स्थिति तब है जब ग्रोथ में कोई खास बढ़त नहीं दिख रही है, जो चिंता की बात है।

कमाई (Earnings) में तेज उछाल की उम्मीद कमजोर

बाजार को उम्मीद है कि आने वाले सालों में कंपनियों की कमाई तेजी से बढ़ेगी, लेकिन रिपोर्ट इस पर भी संदेह जताती है। कोविड के बाद या 2022 की तरह इस बार कोई बड़ा सरकारी प्रोत्साहन (stimulus) या अचानक बढ़ी मांग नहीं है। लोगों की आमदनी की रफ्तार धीमी है और खर्च भी सीमित है, जिससे कंपनियों की कमाई पर असर पड़ सकता है।

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हालांकि लोन बढ़ रहे हैं, लेकिन ज्यादा बढ़त गोल्ड लोन और छोटे कारोबार (MSME) के लोन में है। ये संकेत देता है कि लोगों की आय कमजोर है और वे जरूरत के लिए उधार ले रहे हैं, न कि निवेश या विस्तार के लिए। इससे अर्थव्यवस्था में तेजी सीमित रह सकती है।

आगे क्या उम्मीद

रिपोर्ट के मुताबिक, जब तक कोई नया बड़ा प्रोत्साहन नहीं आता या शेयरों के दाम सस्ते नहीं होते, तब तक SMID इंडेक्स एक सीमित दायरे में ही रह सकता है। यानी बाजार में फिलहाल बड़ी तेजी या गिरावट के बजाय स्थिरता बनी रह सकती है।

कहां मिल सकते हैं मौके

हालांकि पूरी तरह नकारात्मक तस्वीर नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ सेक्टर्स जैसे खपत (consumption) और निर्यात (exports) में चुनिंदा कंपनियों में अच्छे मौके मिल सकते हैं। यानी पूरे बाजार के बजाय स्टॉक चुनकर निवेश करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

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First Published - April 22, 2026 | 3:43 PM IST

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