प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
भारतीय शेयर बाजार की नियामक संस्था SEBI देश के कमोडिटी डेरिवेटिव्स बाजार का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रही है। SEBI ने एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया है, जिसमें विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए एक्सचेंज-ट्रेडेड कमोडिटी डेरिवेटिव्स (ETCDs) में ट्रेडिंग के नियमों को आसान बनाने के कई अहम प्रस्ताव रखे गए हैं। इस कदम का मकसद बाजार में ज्यादा निवेशकों की भागीदारी बढ़ाना, लिक्विडिटी मजबूत करना, कीमतों के सही तरीके से तय होने में मदद करना और भारत के कमोडिटी बाजार को अंतरराष्ट्रीय बाजार से बेहतर तरीके से जोड़ना है।
मौजूदा नियमों के मुताबिक, FPI सिर्फ उन्हीं कैश-सेटल्ड नॉन-एग्री डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स में कारोबार कर सकते हैं, जिनके अंडरलाइंग कॉन्ट्रैक्ट भी कैश-सेटल्ड होते हैं। अब SEBI ने नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत FPI को सभी नॉन-एग्रीकल्चर इंडेक्स डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग की इजाजत देने की बात कही गई है, भले ही उनके अंडरलाइंग कॉन्ट्रैक्ट कैश-सेटल्ड हों या नहीं।
SEBI के मुताबिक, इंडेक्स डेरिवेटिव्स का सेटलमेंट हमेशा कैश में ही होता है। ऐसे में इनमें FPI की भागीदारी बढ़ाने से डिलीवरी से जुड़ी कोई परेशानी नहीं होगी। इस प्रस्ताव को कमोडिटी डेरिवेटिव्स एडवाइजरी कमेटी (CDAC) का भी समर्थन मिला है।
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इसके साथ ही SEBI ने FPI को नॉन-कैश-सेटल्ड यानी फिजिकली सेटल्ड नॉन-एग्री कमोडिटी डेरिवेटिव्स में कारोबार की अनुमति देने का भी प्रस्ताव रखा है। इसके तहत विदेशी निवेशक घरेलू एक्सचेंजों पर क्रूड ऑयल, नेचुरल गैस, गोल्ड, सिल्वर और बेस मेटल्स जैसी कमोडिटीज से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट्स में कारोबार कर सकेंगे। इन कॉन्ट्रैक्ट्स का संबंध अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क से है। SEBI का मानना है कि इससे डेरिवेटिव्स बाजार और फिजिकल कमोडिटी बाजार के बीच तालमेल और मजबूत होगा।
भारत में स्थायी प्रतिष्ठान (Permanent Establishment) नहीं होने की वजह से FPI को कमोडिटी की फिजिकल डिलीवरी लेने या देने की अनुमति नहीं है। अगर वे किसी ब्रोकर के जरिए डिलीवरी की प्रक्रिया में शामिल होते भी हैं, तो उन्हें भारत में GST रजिस्ट्रेशन कराना पड़ सकता है। इसी जोखिम को देखते हुए SEBI ने दो स्तर की सुरक्षा व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है।
SEBI ने इन प्रस्तावों और ड्राफ्ट सर्कुलर पर आम लोगों और बाजार से जुड़े लोगों से 1 सितंबर तक सुझाव और टिप्पणियां मांगी हैं।