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पीएनबी हाउसिंग फाइनैंस के मुनाफे में बढ़ोतरी

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Last Updated- December 11, 2022 | 1:05 PM IST

पीएनबी हाउसिंग फाइनैंस लिमिटेड का शुद्ध लाभ सितंबर 2022 में समाप्त दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़कर 263 करोड़ रुपये हो गया। मुनाफे को शुद्ध ब्याज आय और मार्जिन में सुधार आने से मदद मिली।

सितंबर 2021 की तिमाही में ऋणदाता का शुद्ध लाभ 235 करोड़ रुपये रहा था। शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) सालाना आधार पर 29 प्रतिशत तक बढ़ी। वहीं शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में 4.4 प्रतिशत रहा, जो वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में 3.01 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में 2.36 प्रतिशत था। दिल्ली ​स्थित इस एचएफसी का शेयर बीएसई पर 4.6 प्रतिशत की तेजी के साथ 451.1 रुपये पर बंद हुआ।
मॉर्गेज ऋणदाता ने कहा कि उसने वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में 3,594 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए, जो वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही के 2,961 करोड़ रुपये से ज्यादा है। ऋण वितरण मुख्य तौर पर रिटेल सेगमेंट से जुड़े हुए थे।
उसके बकाया से संबं​धित बहीखाता सितंबर 2022 में घटकर 57,832 करोड़ रुपये रह गया, जो सितंबर 2021 के अंत में 60,342 करोड़ रुपये था। हालांकि उसने तिमाही आधार पर यह आंकड़ा जून 2022 (57,287 करोड़ रुपये) के मुकाबले तेजी से बढ़ाया।
30 सितंबर 2022 तक रिटेल ऋण सालाना आधार पर चार प्रतिशत तक बढ़कर 52,124 करोड़ रुपये हो गए। रिटेल बुक में जून 2022 के अंत तक पोर्टफोलियो के मुकाबले तिमाही आधार पर दो प्रतिशत तक का इजाफा हुआ।
कॉरपोरेट ऋण 30 सितंबर 2022 तक सालाना आधार पर 44 प्रतिशत तक घटकर और जून 2022 के मुकाबले तिमाही आधार पर 8 प्रतिशत तक घटकर 5,708 करोड़ रुपये रह गए। 
ऋणदाता की परिसंप​त्ति गुणवत्ता में भी सुधार आया, क्योंकि सकल गैर-निष्पादित ऋण (जीएनपीए) सितंबर 2022 के अंत में सालाना आधार पर 31 आधार अंक तक घटकर 6.06 प्रतिशत रह गए। तिमाही आधार पर जीएनपीए में जून 2022 के मुकाबले 29 आधार अंक तक की कमजोरी दर्ज की गई। शुद्ध एनपीए की दर भी सितंबर 2021 के 3.81 प्रतिशत से घटकर सितंबर 2022 में 3.59 प्रतिशत रह गई। 
कोविड-19 संबं​धित दबाव की वजह से आरबीआई के समाधान ढांचे के तहत पुनर्गठित ऋणों का पोर्टफोलियो 30 सितंबर 2022 तक 2,147 करोड़ रुपये पर रहा। 

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First Published - October 27, 2022 | 10:57 PM IST

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