LIC Dividend, Bonus Share Issue: देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी ने अपने शेयरधारकों को बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने 1:1 बोनस शेयर जारी करने का ऐलान किया है। यानी जिन निवेशकों के पास कंपनी का एक शेयर होगा, उन्हें एक अतिरिक्त शेयर मुफ्त मिलेगा। इसके साथ ही कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।
कंपनी ने बोनस शेयर के लिए 29 मई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। इसका मतलब है कि इस तारीख तक जिन निवेशकों के नाम पर एलआईसी के शेयर होंगे, उन्हें बोनस शेयर का फायदा मिलेगा। बोनस शेयरों का आवंटन 1 जून 2026 को माना जाएगा।
वहीं डिविडेंड पाने वाले निवेशकों की पहचान के लिए कंपनी ने 25 जून 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है।
बोनस शेयर और डिविडेंड के साथ-साथ एलआईसी ने मजबूत तिमाही नतीजे भी पेश किए हैं। कंपनी का मार्च तिमाही का कंसॉलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 23,467 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 19,039 करोड़ रुपये था।
कंपनी की नेट प्रीमियम आय भी बढ़ी है। जनवरी-मार्च तिमाही में यह 11 प्रतिशत बढ़कर 1.64 लाख करोड़ रुपये रही। पिछली साल इसी अवधि में यह 1.48 लाख करोड़ रुपये थी। वहीं पिछली तिमाही के मुकाबले प्रीमियम आय में करीब 30 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली।
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एलआईसी की एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला है। कंपनी का ग्रॉस एनपीए घटकर 1.21 प्रतिशत पर आ गया, जो पहले ज्यादा था। इससे साफ है कि कंपनी के खराब कर्ज में कमी आई है। इसके अलावा कंपनी की सॉल्वेंसी रेशियो भी बढ़कर 2.35 हो गई है, जो पिछले साल 2.11 थी। आसान भाषा में समझें तो कंपनी की वित्तीय स्थिति पहले से ज्यादा मजबूत हुई है और उसके पास भविष्य के जोखिमों से निपटने के लिए बेहतर पूंजी मौजूद है।
एलआईसी ने नए बिजनेस से होने वाली कमाई में भी मजबूत बढ़त दिखाई है। कंपनी का वीएनबी यानी वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस 41 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 14,179 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं वीएनबी मार्जिन बढ़कर 21.2 प्रतिशत हो गया है। कंपनी का कहना है कि नॉन-पार प्रोडक्ट्स में मजबूत ग्रोथ की वजह से मुनाफा बेहतर हुआ है। अब कंपनी ज्यादा मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ा रही है।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में एलआईसी का मुनाफा 19 प्रतिशत बढ़कर 57,419 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी की कुल प्रीमियम आय भी बढ़ी है। एलआईसी का एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी एयूएम भी 5 प्रतिशत बढ़कर 57.29 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इससे एलआईसी देश की सबसे बड़ी संस्थागत निवेशक कंपनी के रूप में और मजबूत हुई है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक आर दोराईस्वामी ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 एलआईसी के लिए काफी मजबूत रहा और लगभग सभी कारोबार क्षेत्रों में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली।