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करमतारा इंजीनियरिंग IPO: प्राइस बैंड ₹241-254, लॉट साइज 59 शेयर; निवेश करें या नहीं?

करमतारा इंजीनियरिंग का 875 करोड़ रुपये का आईपीओ 9 से 11 सितंबर तक खुलेगा। भाव 241 से 254 रुपये और लॉट साइज 59 शेयर है

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दिग्विजय सिंह   
Last Updated- September 08, 2026 | 6:03 PM IST

Karamtara Engineering IPO: प्राइमरी मार्केट के लिए चालू हफ्ता धमाकेदार रहने वाला है। क्योंकि कुल 12 मेनबोर्ड IPO लॉन्च होंगे। 9 सितंबर को ही 6 इश्यू खुलेंगे, जिसमें करमतारा इंजीनियरिंग का पब्लिक इश्यू भी शामिल है। SBI सिक्योरिटीज ने IPO पर लंबी अवधि के नजरिये से निवेश की सलाह दी है। रिटेल निवेशक इश्यू में 9 से 11 सितंबर तक बोली लगा सकेंगे।

कितना बड़ा करमतारा इंजीनियरिंग IPO?

करमतारा इंजीनियरिंग की योजना IPO के जरिए 875 करोड़ रुपये जुटाने की है। इश्यू में 675 करोड़ रुपये के लिए नए शेयर जारी किए जाएंगे। ऑफर फॉर सेल यानी OFS में प्रोमोटर और मौजूदा निवेशक हिस्सा बिक्री करेंगे। OFS के जरिए 200 करोड़ रुपये जुटाने की है। बता दें कि पब्लिक ऑफरिंग में 10 रुपये के फेस वैल्यू पर 3.44 करोड़ शेयर जारी किए जाएंगे।

प्री-इश्यू शेयरहोल्डिंग पैटर्न के लिहाज से 82 फीसदी हिस्सेदारी प्रोमोटर एंड प्रोमोटर ग्रुप की है। जबकि पब्लिक और अन्य की हिस्सेदारी 7.9 फीसदी है। OFS में तनवीर सिंह और राजीव सिंह 100-100 करोड़ रुपये के लिए हिस्सा बिक्री करेंगे।

IPO में 241-254 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड फिक्स किया गया है। हर लॉट में निवेशकों को 59 शेयर मिलेंगे। निवेशक न्यूनतम एक लॉट के लिए बोली लगा सकेंगे। इश्यू के लिए जेएम फाइनेंशियल, ICICI सिक्योरिटीज और IIFL कैपिटल सर्विसेज को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है। MUFG इनटाइम इंडिया को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

फंड का कहां होगा इस्तेमाल?

एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि नए शेयर जारी कर जुटाई गई रकम में से 600 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज भुगतान और उससे जुड़े कार्यों के लिए किया जाएगा। अन्य रकम को जनरल कॉरपोरेट जरूरतों के लिए खर्च किया जाएगा।

IPO में पैसा लगाएं या नहीं?

SBI सिक्योरिटीज ने जारी नोट में मजबूत बढ़त, बाजार में बड़ी हिस्सेदारी और IPO की रकम से कर्ज घटने की उम्मीद को देखते हुए लंबी अवधि के लिए IPO में निवेश की सलाह दी है। हालांकि, निवेशक को हाई वैल्यूएशन और विदेशी बाजारों से जुड़े रिस्क का ध्यान में रखने की भी सलाह दी है।

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करमतारा इंजीनियरिंग का कारोबार

करमतारा इंजीनियरिंग सोलर प्लांट में लगने वाले ढांचे और बिजली पहुंचाने वाली लाइनों के इक्विपमेंट बनाती है। कंपनी ने विंड एनर्जी के कारोबार में भी कदम रखा है। सौर पैनल लगाने वाले ढांचे और ट्रैकर के पुर्जे बनाने की क्षमता के हिसाब से यह FY26 में देश की सबसे बड़ी कंपनी थी। भारत में 12 और इटली में एक कारखाना है। इसके अलावा सऊदी अरब में भी नया कारखाना लगाया जा रहा है।

करमतारा इंजीनियरिंग की आमदनी FY24 के 2,425 करोड़ रुपये से बढ़कर FY26 में 4,312 करोड़ रुपये हो गई। इसी दौरान नेट प्रॉफिट 103 करोड़ रुपये से बढ़कर 229 करोड़ रुपये हो गया। दो साल में मुनाफा दोगुने से ज्यादा हुआ है।

FY24 से FY26 के बीच आमदनी में सालाना औसतन 33.3 फीसदी और मुनाफे में 49.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। कंपनी की कमाई का करीब 40.5 फीसदी हिस्सा विदेशों से आता है। अमेरिका इसका सबसे बड़ा विदेशी बाजार है।

 

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिजनेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता। निवेश से पहले अपनी समझ से फैसला करें या वित्तीय सलाहकार की राय लें।)

First Published : September 8, 2026 | 5:53 PM IST