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बढ़ते ट्रेड तनाव के बीच कनाडा-अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में खटास, वाइन और डेयरी समेत कई सेक्टर प्रभावित

जवाबी टैरिफ में 20 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान शामिल हैं, जिन पर स्टील और फर्नीचर से लेकर कपड़ों और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उत्पादों के लिए 15% से 50% तक की ड्यूटी लगाई गई है

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एजेंसियां   
Last Updated- September 08, 2026 | 11:37 AM IST

मंगलवार आधी रात के बाद अमेरिकी सामानों पर कनाडा के जवाबी टैरिफ लागू हो गए। पिछले महीने बातचीत नाकाम होने के बाद प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अपने देश के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार पर आर्थिक दबाव बढ़ा दिया, जिससे 18 महीने से चल रहा ट्रेड वॉर और तेज हो गया है।  जवाबी टैरिफ में 20 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान शामिल हैं, जिन पर स्टील और फर्नीचर से लेकर कपड़ों और इलेक्ट्रॉनिक्स तक के उत्पादों पर 15% से 50% तक ड्यूटी लगाई गई है।

टैरिफ विवाद ने व्यापार समझौते पर संकट बढ़ाया

डॉलर-के-बदले-डॉलर वाली यह जवाबी कार्रवाई पड़ोसी देशों के बीच विवाद को और बढ़ाती है। अमेरिकी और कनाडाई अधिकारियों ने एक-दूसरे पर उस समझौते को बिगाड़ने का आरोप लगाया है जो दो हफ्ते पहले लगभग पूरा होने वाला था। बढ़ते तनाव से व्यापक US-मेक्सिको-कनाडा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। इस समझौते की सालाना समीक्षा होनी है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अगले दशक के लिए आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया था। कैनेडियन एग्री-फूड ट्रेड अलायंस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और अमेरिका के साथ द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों पर कार्नी की सलाहकार समिति के सदस्य माइकल हार्वे ने कहा, “हमें जिस बात की चिंता है, वह है तनाव का लगातार बढ़ना।” हार्वे ने कहा, “लेकिन साथ ही, हम पूरी तरह समझते हैं कि प्रधानमंत्री को अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कुछ उपाय खोजने होंगे।”

बढ़ते ट्रेड तनाव के बीच कनाडा-अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में खटास

US टैरिफ का कनाडा की वाइन, फर्नीचर और डेयरी पर असर पिछले महीने लागू किए गए ट्रंप के टैरिफ का असर वाइन, फर्नीचर, डेयरी प्रॉडक्ट्स, सीमेंट, कपड़े, फिशिंग रॉड और हॉकी के सामान जैसे सेक्टर पर पड़ा है। इसमें कनाडा से US को होने वाले कुल एक्सपोर्ट का 5% हिस्सा यानी 20 अरब डॉलर का सामान शामिल है। कनाडा और US सरकार के डेटा के मुताबिक, इस साल कनाडा ने अपना कुल एक्सपोर्ट का लगभग 68% हिस्सा US को भेजा है। इसमें से करीब 80% सामान USMCA समझौते के तहत मिली छूट की वजह से बिना किसी ड्यूटी के भेजा गया। इस समझौते से मिली सुरक्षा ने घरेलू अर्थव्यवस्था को कुछ हद तक मजबूती दी है।

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मंदी के दौर के US कानून के तहत लगाए गए नए टैरिफ की वजह से ओटावा (कनाडा सरकार) USMCA के तहत मिलने वाली छूट का फायदा नहीं उठा पा रहा है। USMCA के भविष्य को लेकर चिंताएं निवेश और ग्रोथ के बारे में अनिश्चितता बढ़ा रही हैं, क्योंकि कनाडा अपनी अर्थव्यवस्था से 13 गुना बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ ट्रेड वॉर लड़ रहा है। पोल से पता चलता है कि कार्नी को कनाडाई लोगों का काफी समर्थन हासिल है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना ​​है कि ट्रेड वॉर के नतीजे सामने आने पर यह समर्थन कुछ ही महीनों में खत्म हो सकता है। रॉयटर्स/इप्सोस के एक पोल में पाया गया कि सिर्फ 20% अमेरिकी ही कनाडा के सामान पर ट्रंप के टैरिफ के फैसले से सहमत थे।

वाइन और डेयरी समेत कई सेक्टर प्रभावित

कार्नी ने पिछले हफ्ते कहा था कि उनकी सरकार एक ऐसे ट्रेड डील पर साइन करने के लिए तैयार है जिससे दोनों देशों को फायदा हो। ट्रंप ने पिछले महीने धमकी दी थी कि 1 जनवरी से कनाडा से आने वाली सभी कारों, ट्रकों और ऑटोमोटिव पार्ट्स पर US टैरिफ बढ़ाकर 50% कर दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका करने के लिए एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर भी साइन किया। सरकार के एक सूत्र ने बताया कि अभी दोनों पक्षों के मंत्रियों या सरकारी अधिकारियों के बीच कोई बातचीत नहीं हो रही है। हार्वे ने कहा, “कनाडा सरकार को अमेरिका के साथ बातचीत के रास्ते खुले रखने चाहिए और अमेरिकी पक्ष की बयानबाजी पर जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए। साथ ही, उन्हें अमेरिका में फैसला लेने की प्रक्रिया के वापस इकॉनमी पर केंद्रित होने का इंतजार करना चाहिए।”

First Published : September 8, 2026 | 11:35 AM IST