SBI Funds Management IPO की लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP करीब ₹95.5 प्रति शेयर पर बना हुआ है। कंपनी का इश्यू प्राइस ₹574 प्रति शेयर था। मौजूदा GMP के आधार पर शेयर की संभावित लिस्टिंग ₹669 से ₹670 के आसपास मानी जा रही है। इसका मतलब है कि निवेशकों को पहले ही दिन करीब 16.6 फीसदी का लिस्टिंग गेन मिल सकता है। एक लॉट में 26 शेयर थे, ऐसे में एक लॉट पर अनुमानित फायदा करीब ₹2,483 हो सकता है। हालांकि, यह केवल ग्रे मार्केट का संकेत है और वास्तविक लिस्टिंग बाजार की चाल के हिसाब से अलग भी हो सकती है।
इस आईपीओ को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। इश्यू कुल 41.73 गुना सब्सक्राइब हुआ, जो निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी को दिखाता है। सबसे ज्यादा उत्साह क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB कैटेगरी में देखने को मिला, जहां इश्यू 140.11 गुना भरा गया। वहीं, गैर संस्थागत निवेशकों यानी NII श्रेणी में 22.51 गुना और रिटेल निवेशकों के हिस्से में 3.76 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। मजबूत संस्थागत भागीदारी को लिस्टिंग के लिए भरोसेमंद संकेत माना जा रहा है।
आज निवेशकों की नजर सिर्फ लिस्टिंग प्राइस पर नहीं होगी, बल्कि इस बात पर भी होगी कि शेयर लिस्टिंग के बाद अपनी बढ़त को बनाए रख पाता है या नहीं। अगर बाजार का माहौल मजबूत रहा और शुरुआती खरीदारी अच्छी रही तो शेयर GMP के आसपास या उससे ऊपर भी खुल सकता है। वहीं, अगर बाजार में कमजोरी रही तो लिस्टिंग अनुमान से नीचे भी हो सकती है। ऐसे में निवेशकों के लिए शुरुआती कारोबार पर नजर रखना अहम होगा।
SBI Funds Management का IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) था, यानी इस इश्यू के जरिए कंपनी में नया पैसा नहीं आया, बल्कि मौजूदा शेयरधारकों ने अपनी हिस्सेदारी बेची। कंपनी ने ₹574 प्रति शेयर के भाव पर शेयर जारी किए थे और आवेदन के लिए न्यूनतम 26 शेयरों का एक लॉट तय किया गया था। इश्यू का कुल आकार ₹9,812.91 करोड़ रहा। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल SBI Funds Management शेयर बाजार में कैसी शुरुआत करता है।