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प्राइड होटल्स लाएगी 1,000 करोड़ का धमाकेदार IPO, SEBI से मंजूरी के बाद बाजार में एंट्री की तैयारी

मुंबई की इस कंपनी ने अक्टूबर 2025 में IPO के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास शुरुआती दस्तावेज जमा किए थे और जनवरी 2026 में उसे IPO लाने की मंजूरी मिल गई थी

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- August 23, 2026 | 12:27 PM IST

हॉस्पिटैलिटी कंपनी प्राइड होटल्स अपने कारोबार का तेजी से विस्तार करने के साथ अब शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। कंपनी के CEO सत्येन जैन ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा कि प्राइड होटल्स दिसंबर तक अपना IPO ला सकती है और इसके जरिए करीब 1,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। मुंबई की इस कंपनी ने अक्टूबर 2025 में IPO के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास शुरुआती दस्तावेज जमा किए थे और जनवरी 2026 में उसे IPO लाने की मंजूरी मिल गई थी।

कंपनी का विस्तार भी तेजी से हो रहा है। जैन ने बताया कि पिछले 12 महीनों में प्राइड होटल्स ने नौ नए होटल खोले हैं। इनमें इंदौर का नया होटल भी शामिल है। इसके साथ कंपनी के पोर्टफोलियो में अब कुल 40 होटल और प्रॉपर्टीज हो गई हैं। इनमें आठ होटल कंपनी के खुद के हैं, जबकि 32 होटल मैनेजमेंट मॉडल पर चल रहे हैं।

इसके अलावा कंपनी ने 32 और होटलों के लिए करार किए हैं। इन होटलों के अगले डेढ़ से दो साल में खुलने की उम्मीद है। इनके शुरू होने के बाद प्राइड होटल्स का पोर्टफोलियो करीब 72 प्रॉपर्टीज तक पहुंच सकता है।

चार क्षेत्रों पर कंपनी का खास फोकस

सत्येन जैन के मुताबिक, कंपनी फिलहाल चार प्रमुख क्षेत्रों में विस्तार पर ध्यान दे रही है। इनमें उन बाजारों में अपनी मौजूदगी और मजबूत करना शामिल है, जहां प्राइड होटल्स पहले से काम कर रही है। इसके अलावा बड़े वेडिंग और MICE यानी मीटिंग, इंसेंटिव, कॉन्फ्रेंस और एग्जिबिशन वाले होटलों पर भी कंपनी की नजर है।

कंपनी नए पर्यटन स्थलों में प्रवेश करने और धार्मिक पर्यटन वाले शहरों में विस्तार करने की भी योजना बना रही है। जैन के मुताबिक, धार्मिक स्थलों पर कारोबार की अच्छी संभावना है क्योंकि यहां बार-बार आने वाले ग्राहकों की संख्या ज्यादा हो सकती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति किसी खास भगवान में आस्था रखता है तो वह साल में कई बार उस धार्मिक स्थल पर जा सकता है।

ओडिशा का पुरी कंपनी के लिए ऐसा ही एक बाजार है। यहां धार्मिक यात्रियों के साथ शादी से जुड़े कार्यक्रमों के लिए भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इससे होटल कारोबार को एक से ज्यादा तरह के ग्राहक मिल सकते हैं।

कंपनी अपने पोर्टफोलियो में खुद की प्रॉपर्टीज का हिस्सा भी बढ़ाना चाहती है। एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अतुल उपाध्याय के मुताबिक, विस्तार के साथ कंपनी का लक्ष्य अपने मालिकाना वाले होटलों की संख्या बढ़ाना है।

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IPO से जुटाए पैसे का यहां होगा इस्तेमाल

प्राइड होटल्स के ड्राफ्ट दस्तावेजों के मुताबिक, कंपनी के IPO में 260 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा प्रमोटर्स और प्रमोटर ग्रुप से जुड़ी संस्थाएं ऑफर फॉर सेल के जरिए 3.92 करोड़ तक शेयर बेच सकती हैं।

IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मौजूदा होटलों के नवीनीकरण, पूंजीगत खर्च, कर्ज चुकाने और कंपनी की सामान्य कारोबारी जरूरतों में किया जाएगा। कंपनी फिलहाल अपस्केल होटल सेगमेंट पर फोकस कर रही है। कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए वह ‘प्राइड लक्स’ नाम से एक बुटीक अपर-अपस्केल ब्रांड भी शुरू कर सकती है।

कंपनी को उम्मीद है कि देश में बढ़ती प्रति व्यक्ति आय, बेहतर हवाई संपर्क और हाईवे कनेक्टिविटी से घूमने-फिरने का कारोबार बढ़ेगा। सत्येन जैन के मुताबिक, युवा ग्राहक अब सिर्फ सामान खरीदने के बजाय नए अनुभवों को ज्यादा अहमियत दे रहे हैं। साथ ही, लोगों के छुट्टियों पर जाने की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।

बढ़ती लागत और लाइसेंस बड़ी चुनौती

तेजी से कारोबार बढ़ाने के बीच प्राइड होटल्स के लिए बढ़ती लागत भी चिंता की वजह बन रही है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर SP जैन के मुताबिक, गैस और बिजली का खर्च 8-9 प्रतिशत बढ़ गया है। इसका सीधा असर कंपनी के मुनाफे पर पड़ रहा है।

खर्च को कम करने के लिए प्राइड होटल्स पवन और सौर ऊर्जा के साथ ऊर्जा बचाने वाले उपकरणों में निवेश कर रही है। SP जैन ने बताया कि होटलों में बिजली की खपत का बड़ा हिस्सा एयर कंडीशनिंग पर होता है। ऐसे में ज्यादा ऊर्जा-कुशल चिलर का इस्तेमाल बिजली की खपत कम करने में मदद कर सकता है।

SP जैन ने होटल उद्योग के सामने लाइसेंस और मंजूरियों को सबसे बड़ी चुनौती बताया। उनके मुताबिक, होटल का निर्माण पूरा होने के बाद भी कई तरह की मंजूरियां लेनी पड़ती हैं। इससे होटल शुरू होने में देरी हो सकती है। उन्होंने मंजूरी की प्रक्रिया को आसान और बेहतर बनाने की जरूरत बताई।

फिलहाल प्राइड होटल्स का पूरा ध्यान घरेलू बाजार पर है। सत्येन जैन ने बताया कि कंपनी ने अभी विदेश में कोई होटल साइन नहीं किया है। हालांकि, आगे ऐसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार की संभावना तलाश सकती है, जहां भारतीय यात्रियों की संख्या काफी ज्यादा है।

(PTI के इनपुट के साथ)

First Published : August 23, 2026 | 11:51 AM IST