प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
सोने और चांदी की कीमतों में अगले हफ्ते भी तेजी बनी रहने की उम्मीद है। हालांकि, कीमतें ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी हैं, ऐसे में कुछ निवेशक मुनाफा वसूल सकते हैं। इससे तेजी के बीच बाजार में थोड़ी नरमी भी देखने को मिल सकती है। अब निवेशकों की नजर अमेरिका के महंगाई से जुड़े अहम आंकड़ों पर रहेगी।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के कोर पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स (PCE) महंगाई के आंकड़े और GDP के आंकड़े सोने-चांदी के बाजार के लिए अहम साबित होंगे। इन आंकड़ों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति और आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है।
JM फाइनेंशियल सर्विसेज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और EBG-कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च के प्रमुख प्रणव मेर ने कहा कि अगले कारोबारी सत्र में सोने-चांदी को लेकर बाजार का रुख सकारात्मक रहने की उम्मीद है। हालांकि, कीमतें ज्यादा बढ़ने पर निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली हो सकती है।
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घरेलू बाजार में इस हफ्ते सोने और चांदी दोनों में अच्छी तेजी देखने को मिली। अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना वायदा 7,932 रुपये यानी 5.13 प्रतिशत बढ़कर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
वहीं, सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 10,673 रुपये यानी 4.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2.46 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
LKP सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और रिसर्च एनालिस्ट-जिंस एवं करेंसी जतिन त्रिवेदी ने कहा कि इस हफ्ते सोने की कीमतों में मजबूती बनी रही। MCX पर सोना 5 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर करीब 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। उनके मुताबिक, सोने की बढ़ती खरीदारी, बॉन्ड यील्ड में नरमी और बाजार में नकदी की बेहतर स्थिति से कीमतों को सहारा मिला।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी में जोरदार तेजी रही। दिसंबर डिलीवरी वाला कॉमेक्स सोना वायदा 243.3 डॉलर यानी 5.5 प्रतिशत बढ़कर 4,680.6 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं, सितंबर डिलीवरी वाली चांदी करीब 7 प्रतिशत की तेजी के साथ 69.53 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
प्रणव मेर के मुताबिक, वैश्विक बाजार में इंटरनेशनल स्पॉट गोल्ड 4,620 डॉलर प्रति औंस से ऊपर बंद हुआ और पूरे हफ्ते में 5 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा। उन्होंने बताया कि हफ्ते के बीच सोने की कीमतों में तेज उछाल अमेरिका के ट्रेजरी विभाग की ओर से लंबी अवधि वाले बॉन्ड की बायबैक बढ़ाने के लिए घोषित लिक्विडिटी उपायों के बाद आया।
आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी सोने-चांदी की कीमतों के लिए अहम रहेंगे। खास तौर पर अमेरिका-ईरान शांति समझौते और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने से जुड़े घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर रहेगी।
इसके अलावा, 27 से 29 अगस्त तक होने वाली जैक्सन होल मीटिंग भी बुलियन कारोबारियों के लिए जरूरी रहेगी। इस कार्यक्रम में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श पहली बार मुख्य संबोधन देंगे।
(PTI के इनपुट के साथ)