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ऑगमोंट एंटरप्राइजेज आईपीओ में आज से निवेश का मौका, एक्सपर्ट ने दी सब्सक्राइब करने की सलाह; GMP 38%

ऑगमोंट एंटरप्राइजेज आईपीओ में विशेषज्ञों ने सब्सक्राइब की सलाह दी है, जबकि 38% GMP और पहले दिन 0.92 गुना सब्सक्रिप्शन ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- August 21, 2026 | 12:23 PM IST

Augmont Enterprises IPO: ऑगमोंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड का आईपीओ आज यानी 21 अगस्त 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। निवेशक इस इश्यू में 25 अगस्त तक बोली लगा सकते हैं। कंपनी ने आईपीओ के लिए शेयर का प्राइस बैंड ₹750 से ₹788 प्रति शेयर तय किया है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए कुल ₹825 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है।

कुल रकम में से ₹620 करोड़ नए शेयर जारी करके जुटाए जाएंगे, जबकि ₹205 करोड़ का हिस्सा ऑफर फॉर सेल यानी OFS के जरिए है। कंपनी का कारोबार सोने और चांदी से जुड़ा है और यह इस क्षेत्र में कारोबार करने के साथ डिजिटल गोल्ड और ऑफलाइन सेवाएं भी देती है।

विशेषज्ञों ने दी सब्सक्राइब करने की सलाह

ऑगमोंट एंटरप्राइजेज आईपीओ को लेकर ब्रोकरेज फर्मों की राय फिलहाल सकारात्मक है। विश्लेषकों ने इसे ‘Subscribe’ की रेटिंग दी है। उनका मानना है कि आईपीओ में लिस्टिंग गेन की संभावना है और कंपनी लंबी अवधि में भी ग्रोथ का अवसर दे सकती है।

Master Capital Services के मुताबिक, कंपनी ने पिछले करीब एक दशक में सोने और चांदी की पूरी वैल्यू चेन में अपनी मौजूदगी मजबूत की है। कंपनी का कारोबार Augmont SPOT के जरिए कारोबारियों को बुलियन ट्रेडिंग सुविधा देने के साथ-साथ Augmont Gold For All के जरिए डिजिटल गोल्ड और ऑफलाइन सेवाओं से जुड़ा है।

कंपनी के पास अपनी रिफाइनिंग क्षमता, जयपुर में ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और GIFT City में बुलियन इंपोर्ट से जुड़ी सब्सिडियरी भी है। ब्रोकरेज के अनुसार कंपनी की आय और मुनाफे में अच्छी वृद्धि हुई है और उसका कर्ज भी घटा है।

Swastika ने भी आईपीओ पर ‘Subscribe’ का नजरिया दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सोने-चांदी से जुड़ी सेवाएं देती है।

ब्रोकरेज का मानना है कि इसमें लिस्टिंग गेन की संभावना है और मध्यम से लंबी अवधि में ग्रोथ का मौका मिल सकता है। हालांकि, निवेशकों को कंपनी के कम मार्जिन और कुछ चुनिंदा ग्राहकों पर निर्भरता को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।

विश्लेषकों ने कुछ जोखिमों की ओर भी ध्यान दिलाया है। कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से दो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निर्भर है। इनमें किसी तरह की तकनीकी या संचालन संबंधी परेशानी आने पर कारोबार प्रभावित हो सकता है।

इसके अलावा, कंपनी थर्ड-पार्टी पेमेंट गेटवे पर भी निर्भर है। इससे पेमेंट और ट्रांजैक्शन से जुड़े जोखिम बने रहते हैं।

38% के करीब पहुंचा Augmont Enterprises IPO GMP

ग्रे मार्केट में ऑगमोंट एंटरप्राइजेज के शेयरों को लेकर मजबूत मांग दिखाई दे रही है। सुबह 9:43 बजे उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के शेयर ₹1,088 के आसपास ग्रे मार्केट में कारोबार कर रहे थे।

ऊपरी प्राइस बैंड ₹788 की तुलना में यह करीब ₹300 यानी 38.07 फीसदी का प्रीमियम है। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम केवल बाजार की धारणा बताता है और इससे शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं होती।

कितना है लॉट साइज?

आईपीओ में निवेश के लिए न्यूनतम 19 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। इसके बाद 19 शेयरों के गुणक में आवेदन किया जा सकता है।

आईपीओ में 50 फीसदी हिस्सा योग्य संस्थागत निवेशकों (QIB) के लिए, 15 फीसदी गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) के लिए और 35 फीसदी हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित है।

कंपनी के शेयरों की BSE और NSE पर लिस्टिंग करीब 31 अगस्त 2026 को होने की उम्मीद है।

इस इश्यू के बुक-रनिंग लीड मैनेजर की भूमिका Nuvama Wealth Management निभा रही है, जबकि MUFG Intime India इश्यू की रजिस्ट्रार है।

एंकर निवेशकों से जुटाए ₹246.30 करोड़

ऑगमोंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने आईपीओ खुलने से पहले एंकर निवेशकों से ₹246.30 करोड़ जुटाए हैं। एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की तारीख 20 अगस्त 2026 थी।

पहले दिन आईपीओ को मिला कैसा रिस्पॉन्स?

ऑगमोंट एंटरप्राइजेज आईपीओ को पहले दिन निवेशकों की ओर से मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला है। 21 अगस्त 2026 को दोपहर 12:09 बजे तक आईपीओ कुल 0.92 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

कैटेगरी के हिसाब से देखें तो रिटेल निवेशकों का हिस्सा 1.28 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं, एंकर निवेशकों को छोड़कर योग्य संस्थागत निवेशकों यानी QIB का हिस्सा सिर्फ 0.01 गुना और गैर-संस्थागत निवेशकों यानी NII का हिस्सा 1.33 गुना सब्सक्राइब हुआ।

क्या करती है Augmont Enterprises?

ऑगमोंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड की शुरुआत अक्टूबर 2012 में हुई थी। कंपनी सोने और चांदी से जुड़े कारोबार के लिए एक इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म के रूप में काम करती है। यह भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कारोबार करने वाले व्यवसायों और ग्राहकों को सेवाएं देती है।

कंपनी सोने और चांदी की वैल्यू चेन के कई हिस्सों में काम करती है। इसमें सोने-चांदी की खरीद और रिफाइनिंग, बुलियन ट्रेडिंग, डिजिटल गोल्ड, ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग, इंटरनेशनल सेल्स और टेक्नोलॉजी सपोर्ट जैसी सेवाएं शामिल हैं।

दो प्रमुख प्लेटफॉर्म के जरिए कारोबार

कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से दो प्लेटफॉर्म के जरिए चलता है। Augmont SPOT का इस्तेमाल एंटरप्राइज ग्राहकों और अंतरराष्ट्रीय बिक्री के लिए किया जाता है। इसके जरिए ज्वेलर्स, बुलियन डीलर्स और मैन्युफैक्चरर्स को इलेक्ट्रॉनिक बुलियन ट्रेडिंग और फिजिकल डिलीवरी की सुविधा मिलती है।

दूसरा प्लेटफॉर्म Augmont Gold For All है, जो आम ग्राहकों के लिए है। इसके जरिए ग्राहक डिजिटल रूप से सोना और चांदी खरीदने, बेचने और स्टोर करने की सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा सिस्टमेटिक प्लान के जरिए निवेश, सिक्कों की खरीद और गोल्ड से जुड़ी अन्य सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

31 मार्च 2026 तक कंपनी की मौजूदगी 24 राज्यों में थी। इस दौरान कंपनी के पास 5,223 से ज्यादा रजिस्टर्ड एंटरप्राइज सदस्य थे। वहीं, डिजिटल गोल्ड से जुड़े रजिस्टर्ड ग्राहकों की संख्या 4.96 करोड़ से ज्यादा थी। कंपनी ने इन ग्राहकों को सीधे और अपने साझेदारों के जरिए सेवाएं दी हैं।

कंपनी की गोल्ड और सिल्वर रिफाइनिंग यूनिट रुद्रपुर और मुंबई में हैं। इसके अलावा जयपुर के सीतापुर SEZ में ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी है।

31 मार्च 2026 तक ऑगमोंट एंटरप्राइजेज में कुल 297 कर्मचारी थे। इनमें 296 स्थायी और एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी शामिल था।

कंपनी की टीम अकाउंट्स, बिजनेस सेल्स, फैक्ट्री, टेक्नोलॉजी, कस्टमर सपोर्ट, मार्केटिंग, लीगल और अन्य विभागों में काम करती है।

कंपनी के मुताबिक, उसका कारोबार इंडस्ट्री के अनुभव, मजबूत ब्रांड, व्यापक डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म पर आधारित है। इसके प्लेटफॉर्म में कीमतों की खोज यानी प्राइस डिस्कवरी के लिए भी सिस्टम मौजूद है।

First Published : August 21, 2026 | 12:23 PM IST