बीएसई सेंसेक्स में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पेरिस्कोप एनालिटिक्स के ब्रायन फ्रेटास की रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा ग्रुप की कंपनी ट्रेंट लिमिटेड की जगह हिंडाल्को इंडस्ट्रीज को शामिल किया जा सकता है। यह बदलाव सेंसेक्स की छमाही समीक्षा के तहत किया जाएगा। समीक्षा अगले हफ्ते खत्म होगी और मई में इसका आधिकारिक ऐलान हो सकता है। नया बदलाव 19 जून को बाजार बंद होने के बाद लागू होगा।
इस समय हिंडाल्को और श्रीराम फाइनेंस, सेंसेक्स में शामिल होने के लिए सबसे ऊपर हैं। हालांकि श्रीराम फाइनेंस का मार्केट कैप थोड़ा ज्यादा है, फिर भी सेक्टर संतुलन बनाए रखने के लिए हिंडाल्को को चुना जा सकता है। दरअसल, सेंसेक्स में कमोडिटी सेक्टर की हिस्सेदारी कम है, जबकि फाइनेंशियल सेक्टर ज्यादा भरा हुआ है। इसी वजह से हिंडाल्को को फायदा मिल रहा है।
अगर हिंडाल्को सेंसेक्स में शामिल होती है, तो उसमें करीब 3800 करोड़ रुपये का निवेश आ सकता है। वहीं, ट्रेंट से करीब 2327 करोड़ रुपये की निकासी हो सकती है। ट्रेडिंग के हिसाब से देखें तो हिंडाल्को के शेयर में भारी खरीदारी देखने को मिल सकती है, जो उसकी रोज की ट्रेडिंग से कई गुना ज्यादा होगी। वहीं ट्रेंट के शेयर पर बिकवाली का दबाव आ सकता है।
ट्रेंट को जून 2025 में सेंसेक्स में शामिल किया गया था, लेकिन पिछले 18 महीनों में इसका प्रदर्शन कमजोर रहा है। पिछले एक साल में इसके शेयर करीब 18 प्रतिशत गिर चुके हैं। वहीं हिंडाल्को का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। इसके शेयर एक साल में 60 प्रतिशत से ज्यादा बढ़े हैं, जबकि सेंसेक्स लगभग स्थिर रहा है। फिलहाल सेंसेक्स में टाटा ग्रुप की कंपनियों में टीसीएस, टाटा स्टील और टाइटन शामिल हैं। वहीं आदित्य बिड़ला ग्रुप की ओर से सिर्फ अल्ट्राटेक सीमेंट ही सेंसेक्स में है।
इससे पहले दिसंबर में हुए बदलाव में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स की जगह इंटरग्लोब एविएशन को शामिल किया गया था। ऐसे बदलाव बाजार की स्थिति, कंपनी के आकार और सेक्टर संतुलन के आधार पर किए जाते हैं।