विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने अप्रैल की शुरुआत में भी भारतीय शेयर बाजार से पैसे निकालना जारी रखा है। अप्रैल के पहले दो कारोबारी सत्रों में ही FPIs ने करीब ₹19,837 करोड़ (लगभग $2.1 अरब) की निकासी की है।
यह बिकवाली ऐसे समय में देखने को मिली है जब पश्चिम एशिया में तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और रुपये में कमजोरी जैसे वैश्विक कारण बाजार पर दबाव बना रहे हैं।
मार्च महीने में भी FPIs ने भारी निकासी की थी और करीब ₹1.17 लाख करोड़ (लगभग $12.7 अरब) बाजार से बाहर निकाले थे। यह अब तक का सबसे बड़ा मासिक आउटफ्लो माना जा रहा है। इससे पहले फरवरी में विदेशी निवेशकों ने ₹22,615 करोड़ का निवेश किया था, जो पिछले 17 महीनों में सबसे अधिक था।
NSDL के आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 में अब तक FPIs कुल मिलाकर करीब ₹1.5 लाख करोड़ की निकासी कर चुके हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में 2 अप्रैल तक कैश मार्केट में ही FPIs ने ₹19,837 करोड़ के शेयर बेच दिए हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक दबाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के चलते निवेशकों का रुझान लगातार सतर्क बना हुआ है, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ रहा है।