खुदरा निवेशकों को फायदा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 4:20 PM IST

प्रणव रॉय व राधिका रॉय नियंत्रित न्यू डेल्ही टेलिविजन लिमिटेड (एनडीटीवी) के लिए गौतम अदाणी समूह की अधिग्रहण बोली से खुदरा निवेशकों को अल्पावधि से मध्यम अवधि में सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है। विश्लेषकों की यही राय है। स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम में हालांकि चौंकाने वाला मसला सौदे का ढांचा रहा।
बालिगा ने कहा, अदाणी मीडिया वेंचर्स लिमिटेड की सहायक विश्वप्रधान कॉमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (वीसीपीएल) का अधिग्रहण उनकी तरफ से 114 करोड़ रुपये में तब किया गया था जब वॉरंट की वैल्यू करीब 800 करोड़ रुपये थी। यह आश्चर्यजनक है। सार्वजनिक शेयरधारक बाजार के मुकाबले कम भाव पर अपने शेयर नहीं देंगे। हालांकि एक बड़ा शेयरधारक है, एक फंड जिसके पास एनडीटीवी की 9.75 फीसदी हिस्सेदारी है। यह संतुलन बिगाड़ सकता है। सार्वजनिक शेयरधारकों को सबसे ज्यादा फायदा होगा अगर शेयर की कीमतें अल्पावधि से मध्यम अवधि में ऊपर जाती हैं। इसकी संभावना है कि प्रवर्तक इस कदम को चुनौती दे सकते हैं। 

इस बीच, एक्सचेंज को भेजी सूचना में एनडीटीवी ने मंगलवार को कहा कि वीसीपीएल ने आरआरपीआर होल्डिंग के 99.5​ फीसदी हिस्से के अधिग्रहण के लिए अपने अधिकार का इस्तेमाल किया, जो प्रवर्तक के स्वामित्व वाली कंपनी है, जिसके पास एनडीटीवी की 29.18 फीसदी हिस्सेदारी है। यह काम कंपनी या उसके संस्थापक प्रवर्तकों से बातचीत के बिना किया गया।
 

खुली पेशकश की कीमत 294 रुपये प्रति शेयर मंगलवार को बंद भाव के मुकाबले 20 फीसदी कम है, जब यह योजना सामने आई। एक्सचेंजों पर एनडीटीवी सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले शेयरों में से एक रहा है। पिछले तीन महीने में इस शेयर में करीब 140 फीसदी की उछाल आई है जबकि इस दौरान एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स 8 फीसदी चढ़ा है।
 

पिछले साल एनडीटीवी के शेयर में 382 फीसदी की उछाल आई थी जबकि बीएसई सेंसेक्स में 6 फीसदी की तेजी दर्ज हुई थी। बुधवार को इस शेयर ने 5 फीसदी के ऊपरी सर्किट को छू लिया और 384.5 रुपये पर रहा और इस तरह से अगस्त 2008 के बाद के सर्वोच्च स्तर पर इसकी ट्रेडिंग हुई।
 

मंगलवार को स्टॉक एक्सचेंजों को भेजे दस्तावेज के मुताबिक, एनडीटीवी की 26 फीसदी हिस्सेदारी की खुली पेशकश की कीमत 493 करोड़ रुपये आंकी गई है। अगर खुली पेशकश कामयाब रहा तो राधिका रॉय और प्रणव रॉय के पास एनडीटीवी की बाकी 32.3 फीसदी हिस्सेदारी रह जाएगी।
 

बीएसई के आंकड़ों से पता चलता है कि इस कंपनी में प्रमुख विदेशी निवेशकों में 9.75 फीसदी हिस्सेदारी के साथ एलटीएस इन्वेस्टमेंट फंड और विकास इंडिया ईआईएफ-1 फंड (4.42 फीसदी) शामिल हैं। ये आंकड़े 2022-23 की जून तिमाही के हैं।
 

अन्य अहम निवेशकों में ड्रोलिया एजेंसीज (1.48 फीसदी), जीआरडी सिक्योरिटीज (1.48 फीसदी), आदेश ब्रोकिंग हाउस (1.5 फीसदी), कन्फर्म रियलबिल्ड (1.33 फीसदी)  और डॉली खन्ना (1 फीसदी) शामिल हैं। ये निवेशक व अन्य खुदरा निवेशक (12.57 फीसदी) अदाणी समूह की खुली पेशकश की किस्मत तय करने में अहम भूमिका निभा​एंगे।
 

आईडीबीआई कैपिटल के शोध प्रमुख ए के प्रभाकर ने कहा, मैं हालांकि फंडामेंटल के लिहाज से मीडिया कंपनियों का प्रशंसक नहीं हूं लेकिन एनडीटीवी के मामले में खुदरा शेयरधारकों को फायदा होगा अगर शेयर लगातार बढ़ता रहे। मुझे नहीं लगता कि अदाणी खुली पेशकश की कीमत में संशोधन करेंगे। कम कीमत पर एनडीटीवी के शेयर खरीदने वाले खुदरा निवेशक द्वि‍तीयक बाजार में बेचने के लिहाज से बेहतर स्थिति में होंगे।

First Published : August 24, 2022 | 10:10 PM IST