Auto Sector Stocks: अप्रैल 2026 में ऑटो सेक्टर का प्रदर्शन कुल मिलाकर ठीक रहा, लेकिन ग्रोथ की रफ्तार में थोड़ी नरमी देखने को मिली है। अलग-अलग सेगमेंट में प्रदर्शन अलग-अलग रहा, जहां कुछ कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया तो कुछ में सुस्ती दिखी।
टू-व्हीलर सेगमेंट में अप्रैल महीना ज्यादा मजबूत नहीं रहा। इंडस्ट्री की रिटेल ग्रोथ करीब 28 प्रतिशत रही, जो पिछले महीनों के बराबर ही है। टीवीएस मोटर की कुल ग्रोथ करीब 6 प्रतिशत रही, जहां स्कूटर और मोपेड की बिक्री बढ़ी, लेकिन मोटरसाइकिल की बिक्री घटी। हीरो मोटोकॉर्प की बिक्री में तेज उछाल दिखा, लेकिन यह कम बेस के कारण था। वहीं, आयशर मोटर्स की रॉयल एनफील्ड ने 11 प्रतिशत की मजबूत ग्रोथ दिखाई, खासकर घरेलू बाजार में।
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में तेजी बनी हुई है। अप्रैल में इस सेगमेंट की ग्रोथ 61 प्रतिशत रही, हालांकि इसकी हिस्सेदारी घटकर 7.8 प्रतिशत रह गई। टीवीएस इस सेगमेंट में आगे रही, उसके बाद बजाज और एथर का नंबर रहा।
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में कंपनियों का प्रदर्शन अलग-अलग रहा। मारुति सुजुकी और टाटा मोटर्स ने अच्छा प्रदर्शन किया और उनकी बिक्री में 30 प्रतिशत से ज्यादा की ग्रोथ रही। वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा और हुंडई की ग्रोथ सीमित रही। महिंद्रा की ग्रोथ घटकर करीब 7 से 8 प्रतिशत रह गई, क्योंकि पेट्रोल और डीजल गाड़ियों की मांग धीमी पड़ी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों में बेस इफेक्ट का असर दिखा। पूरे सेक्टर की रिटेल ग्रोथ घटकर 11 प्रतिशत रह गई, जबकि फरवरी और मार्च में यह 20 प्रतिशत से ज्यादा थी। इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी बढ़कर 5.7 प्रतिशत हो गई है।
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कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में टाटा मोटर्स सबसे आगे रही। कंपनी के मीडियम और हैवी कमर्शियल व्हीकल में करीब 20 प्रतिशत की ग्रोथ रही। हालांकि, पूरे इंडस्ट्री में रिटेल ग्रोथ घटकर 16 प्रतिशत रह गई, जो पहले 30 प्रतिशत थी। इसका मतलब है कि इस सेगमेंट में भी मांग की रफ्तार थोड़ी धीमी हो रही है।
ट्रैक्टर सेगमेंट में एस्कॉर्ट्स और महिंद्रा ने अच्छा प्रदर्शन किया और उनकी बिक्री में 20 से 28 प्रतिशत तक की ग्रोथ रही। लेकिन कंपनियों ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में मांग थोड़ी कमजोर हो सकती है। इसकी वजह बढ़ती लागत, सप्लाई चेन की दिक्कतें और मौसम से जुड़ी अनिश्चितता है।
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Emkay ब्रोकरेज का मानना है कि निवेश के लिहाज से टू-व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल कंपनियां ज्यादा बेहतर हैं, जबकि पैसेंजर व्हीकल में अभी उतना आकर्षण नहीं है। टू-व्हीलर में कंपनी टीवीएस, एथर और बजाज को पसंद करती है। वहीं, कमर्शियल व्हीकल में टाटा मोटर्स पर भरोसा जताया गया है। ऑटो एंसिलरी सेक्टर में श्रीराम पिस्टन्स, क्राफ्ट्समैन ऑटोमेशन, जेके टायर और प्रिकोल को बेहतर विकल्प माना गया है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)