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फेयर ऐंड लवली से हटेगा फेयर

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Last Updated- December 15, 2022 | 8:01 AM IST

प्रमुख उपभोक्ता वस्तु कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) ने अपने प्रमुख ब्रांड- फेयर ऐंड लवली- की नए सिरे से ब्रांडिंग करने की योजना बनाई है। कंपनी ने एक रणनीतिक बदलाव करते हुए इसमें से फेयर शब्द को हटाने का निर्णय लिया है ताकि इसे समावेशी बनाया जा सके। कंपनी अपने इस 2,000 करोड़ रुपये के ब्रांड नाम में से फेयर शब्द को हटाते हुए किसी नए नाम के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी।
एचयूएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संजीव मेहता ने कहा, ‘हम अपने स्किनकेयर पोर्टफोलियो को समावेशी बना रहे हैं और सौन्दर्य का व्यापक चित्रण करना चाहते हैं। वर्ष 2019 में हमने फेयर ऐंड लवली की पैकेजिंग से निखार की तुलना करने वाले दो चेहरों को हटा दिया था। हमारा ब्रांड संदेश अब निखार के बजाय चमक हो गया है जो स्वस्थ त्वचा के लिए कहीं अधिक समग्र और समावेशी नजरिया है।’
करीब 5,000 करोड़ रुपये के अनुमानित कारोबार वाले इस फेयरनेस क्रीम के लिए वर्षों तक आलोचना सहने के बाद कंपनी ने यह पहल की है। भारत में इसका इस्तेमाल पुरुष और महिला दोनों करते हैं जबकि इस श्रेणी के अन्य उत्पाद स्त्री-पुरुष के बीच भेदभाव को बढ़ाता है। फेयर ऐंड लवली भारत में बिकने वाली अग्रणी फेयरनेस क्रीम है। कंपनी भारतीय बाजार में इसे 1975 में उतारा था और उसके बाद से ही कंपनी को इस श्रेणी में तमाम तरह के विवादों का सामना करना पड़ा।
प्रमुख हस्तियों, विशेषज्ञों और भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (एएससीआई) ने फेयरनेस उत्पादों के विपणनकर्ताओं के लिए सौन्दर्य की परिभाषा में बदलाव की आवश्यकता पर लगातार जोर दिया है। हालांकि एएससीआई ने फरवरी में फेयरनेस उत्पादों के विपणनकर्ताओं के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए थे। साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने फेयरनेस यानी निखार को लेकर भ्रामक दावा करने वाली कंपनियों के खिलाफ भारी जुर्माना लगाने का प्रस्ताव दिया था।
जॉन्सन ऐंड जॉन्सन ने सोमवार को घोषणा की थी कि वह भारत और पश्चिम एशिया में फेयरनेस श्रेणी को लेकर काफी उत्साहित थी लेकिन रंगभेद के खिलाफ हालिया वैश्विक अभियान के मद्देनजर वह अपने उत्पाद पोर्टफोलियो की समीक्षा करेगी। लेकिन इमामी और लॉरियल जैसी अन्य कंपनियों ने इस संबंध में अपना रुख फिलहाल स्पष्ट नहीं किया है।
इस बाबत जानकारी के लिए लॉरियल इंडिया को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं आया।
इमामी के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी फिलहाल सभी जटिलताओं का अध्ययन कर रही है। उन्होंने कहा, ‘हम एक जिम्मेदार कॉरपोरेट नागरिक होने के नाते उपभोक्ताओं की भावना का सम्मान करते हैं और उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाते हुए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाते हैं।’
ब्रांड विशेषज्ञों का मानना है कि स्त्री-पुरुष भेदभाव को लेकर बढ़ते विरोध के मद्देनजर कंपनियां अपनी विपणन रणनीति में बदलाव करेंगी। इस श्रेणी में कारोबार करने वाली अन्य कंपनियों में प्रॉक्टर ऐंड गैम्बल, हिमालय, लोटस हर्बल्स और नीविया शामिल हैं।
पिछले सप्ताह प्रमुख ओरल केयर कंपनी कोलगेट ने कहा था कि वह अपने टॉप-सेलिंग चाइनीज ब्रांड डार्ली की समीक्षा करेगी क्योंकि इस नाम का अर्थ काले लोगों का टूथपेस्ट होता है। प्रमुख फूड ऐंड बेवरिजेस कंपनी पेप्सिको ने कहा कि वह अमेरिका में अपने 130 साल पुराने सीरप ऑन्ट जेमिमा की ब्रांडिंग नए सिरे से करेगी।

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First Published - June 25, 2020 | 11:52 PM IST

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