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पीयूष गोयल और कनाडाई PM मार्क कार्नी के बीच हुई बड़ी बैठक, 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार $50 अरब करने का लक्ष्य

पीयूष गोयल की कनाडा यात्रा के दौरान दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर पहुंचाने और मुक्त व्यापार समझौते (CEPA) को जल्द पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई

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कृति अंबे   
Last Updated- May 26, 2026 | 10:21 PM IST

भारतीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) एक बड़ा बदलाव लाने वाला साबित होगा।

वाणिज्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया, ‘कार्नी ने इस बात की पुष्टि की है कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता एक बड़े नए बाजार की राह खोलेगा और यह बहुत बड़ा परिवर्तन लाने वाला साबित होगा।’ विज्ञप्ति में कहा गया कि दोनों देशों ने संतुलित, वाणिज्यक रूप से सार्थक और महत्त्वाकांक्षी सीईपीए को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है और अपनी-अपनी टीमों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे समझौते की दिशा में काम करें जो आर्थिक साझेदारियों को मजबूत करने वाला हो और दोनों देशों के कारोबारों तथा नागरिकों को ठोस लाभ देने वाला हो।

मंत्रालय ने कहा कि ओटावा में मुक्त व्यापार समझौते के लिए तकनीकी वार्ताओं का एक दौर भी समानांतर रूप से चल रहा है। गोयल ने कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू से भी मुलाकात की और दोनों मंत्रियों ने अब तक पूरी हुई वार्ताओं के परिणामों की समीक्षा की तथा व्यापार और निवेश प्रवाह को बढ़ाने के भविष्य के अवसरों की पहचान की। यह मार्च में व्यापार समझौते के लिए विचारणीय मुद्दों पर हस्ताक्षर होने के बाद दोनों देशों के बीच पहली मंत्रिस्तरीय चर्चा थी।

मीडिया को संयुक्त संबोधन में गोयल ने कहा, ‘यह साझेदारी बहुत तेजी से पुनः स्थापित हो रही है… 2030 तक 50 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य पूरी तरह संभव है क्योंकि उद्देश्य की ईमानदारी है और पिछले दो महीनों में दोनों वार्ता टीमों ने शानदार काम किया है।’

सिद्धू ने कहा कि वह इस वर्ष के अंत में कनाडा व्यापार मिशन की एक टीम को भारत लेकर आएंगे ताकि वही ऊर्जा दिखाई जा सके जो गोयल ने कनाडा में दिखाई थी। उन्होंने कहा, ‘यह उन बैठकों पर आधारित होगा जो हम अगले 48 घंटों में करने जा रहे हैं। हम अपने मुख्य वार्ताकारों के साथ बैठेंगे। दो दौर पूरे हो चुके हैं और हम मिलकर काम करेंगे।’

भारत और कनाडा अब तक दो दौर की वार्ताएं कर चुके हैं। इनमें वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, बौद्धिक संपदा, मूल नियम, स्वच्छता और पादप स्वच्छता उपाय, तथा व्यापार में तकनीकी बाधाओं सहित कई अध्यायों पर विस्तृत चर्चा हुई। तीसरा दौर जुलाई में ओटावा में होना तय है।

गोयल ने कनाडा में अब तक के सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। उन्होंने पहले दिन ओटावा में कृषि मंत्री हीथ मैकडॉनल्ड और विदेश मंत्री अनीता आनंद सहित कई अन्य कनाडाई मंत्रियों से मुलाकात की। यह तीन दिवसीय यात्रा बुधवार को समाप्त होगी।

आनंद के साथ बैठक में वाणिज्य मंत्री ने भारत के बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल अधोसंरचना और उपभोक्ता क्षेत्रों को दीर्घकालिक कनाडाई निवेश के लिए महत्त्वपूर्ण अवसरों के रूप में रेखांकित किया।

मैकडॉनल्ड के साथ बैठक में गोयल ने खाद्य सुरक्षा, स्थिरता और कृषि-प्रौद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित करते हुए कृषि में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के तरीकों की खोज की।

यात्रा के अगले चरण में टोरंटो में गोयल उद्योग गोलमेज बैठकों और बी2बी कार्यक्रमों के गहन कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। जिसका उद्देश्य मंत्रिस्तरीय प्रतिबद्धताओं को प्राथमिक क्षेत्रों में ठोस वाणिज्यिक साझेदारियों में बदलना है। प्रतिनिधिमंडल में ऊर्जा, खनन, ऑटोमोबाइल, औषधि, दूरसंचार, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, चमड़ा और वस्त्र सहित क्षेत्रों के 100 से अधिक उद्योगपति शामिल हैं।

वित्त वर्ष 26 में भारत और कनाडा का द्विपक्षीय व्यापार 7.96 अरब डॉलर था। इसे 2030 तक 50 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं। भारत के कनाडा को प्रमुख निर्यात में दवाएं और औषधियां, लोहा और इस्पात, समुद्री भोजन, कपास के वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक सामान और रसायन शामिल हैं। वित्त वर्ष 26 में भारत का कनाडा के साथ 1.39 अरब का व्यापार अधिशेष था।

First Published : May 26, 2026 | 10:17 PM IST