facebookmetapixel
Advertisement
महंगा तेल बिगाड़ सकता है पूरा खेल! निफ्टी 21,000 तक गिरने का डरJSW Steel ने बढ़ाई कमाई, लेकिन ब्रोकरेज ने क्यों दी HOLD और REDUCE रेटिंग?कहीं आपका LPG नंबर पुराना तो नहीं? एक गलती से रुक सकती हैं गैस से जुड़ी जरूरी सेवाएंईंधन कीमतों की सीमित बढ़ोतरी घरेलू बजट पर बहुत बड़ा असर नहीं डालेगी: ICRAसोलर सेक्टर में धमाका! इनॉक्स क्लीन एनर्जी ने अमेरिकी कंपनी से 3 गीगावॉट क्षमता हासिल कर बढ़ाया ग्लोबल दबदबामुनाफे पर दबाव के बीच एयरटेल की नई रणनीति, एआरपीयू बढ़ाने की तैयारीSUV और EV की मजबूत डिमांड से चमकी Tata Motors PV, ब्रोकरेज को शेयर में 39% तक तेजी की उम्मीदसंजय कपूर की संपत्ति विवाद में नया मोड़, सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड मीटिंग रोकने से किया इनकारअब हर यूजर बनेगा क्रिएटर! Myntra का नया फीचर बदल देगा ऑनलाइन शॉपिंग का तरीकाNEET-UG 2026 री-एग्जाम डेट फाइनल! पेपर लीक विवाद के बाद 21 जून को होगी परीक्षा; 14 जून तक आएंगे एडमिट कार्ड

चीन ने अमेरिका की 5 रक्षा कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध

Advertisement

चीन उसके पूर्वी तट पर स्थित स्व:शासित ताइवान को अपना ही हिस्सा मानता है।

Last Updated- January 07, 2024 | 10:39 AM IST
China
Representative Image

चीन ने ताइवान को हथियार बेचने और चीनी कंपनियों तथा नागरिकों पर प्रतिबंध लगाए जाने के जवाब में अमेरिका की रक्षा से जुड़ी पांच कंपनियों पर रविवार को प्रतिबंध लगाए।

विदेश मंत्रालय ने ऑनलाइन जारी किए एक बयान में कहा कि इन प्रतिबंधों से चीन में इन कंपनियों की संपत्ति कुर्क हो जाएगी और चीन में स्थित संगठन और लोगों के उनके साथ कारोबार करने पर मनाही होगी।

जिन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं उनमें बीएई सिस्टम्स लैंड एंड आर्मामेंट, एलियंट टेकसिस्टम्स ऑपरेशन, एयरोविरोनमेंट वियासैट एंड डेटा लिंक सॉल्यूशंस शामिल हैं।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘चीन सरकार राष्ट्रीय संप्रभुत्ता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा और चीनी कंपनियों तथा नागरिकों के कानूनी अधिकारों और हितों की रक्षा के हमारे संकल्प पर अडिग है।’’

चीन ने ताइवान को हथियार बेचने और चीनी कंपनियों तथा नागरिकों पर प्रतिबंध लगाए जाने के जवाब में अमेरिका की रक्षा से जुड़ी पांच कंपनियों पर रविवार को प्रतिबंध लगाए।

विदेश मंत्रालय ने ऑनलाइन जारी किए एक बयान में कहा कि इन प्रतिबंधों से चीन में इन कंपनियों की संपत्ति कुर्क हो जाएगी और चीन में स्थित संगठन और लोगों के उनके साथ कारोबार करने पर मनाही होगी।

जिन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं उनमें बीएई सिस्टम्स लैंड एंड आर्मामेंट, एलियंट टेकसिस्टम्स ऑपरेशन, एयरोविरोनमेंट वियासैट एंड डेटा लिंक सॉल्यूशंस शामिल हैं।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका के कदमों ने चीन की संप्रभुत्ता और सुरक्षा हितों को नुकसान पहुंचाया है, ताइवान जलडमरूमध्य में शांति एवं स्थिरता को कमजोर किया है और चीनी कंपनियों तथा नागरिकों के अधिकारों व हितों का उल्लंघन किया है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘चीन सरकार राष्ट्रीय संप्रभुत्ता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा और चीनी कंपनियों तथा नागरिकों के कानूनी अधिकारों और हितों की रक्षा के हमारे संकल्प पर अडिग है।’’

चीन उसके पूर्वी तट पर स्थित स्व:शासित ताइवान को अपना ही हिस्सा मानता है।

Advertisement
First Published - January 7, 2024 | 10:23 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement