भारत

Middle East crisis: ईंधन सप्लाई ठप! मोरबी के सिरेमिक हब में बंद होने लगीं फैक्ट्रियां; 100 पर लगा ताला

उद्योग प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो अगले कुछ दिनों में अन्य 400 कारखाने भी बंद हो सकते हैं

Published by
बीएस वेब टीम   
Last Updated- March 06, 2026 | 6:43 PM IST

Middle East crisis: पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजराइल तथा ईरान के बीच युद्ध के कारण ईंधन सप्लाई में आई बाधाओं के चलते गुजरात के मोरबी जिले में लगभग 100 सिरेमिक फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं। उद्योग प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो अगले कुछ दिनों में अन्य 400 कारखाने भी बंद हो सकते हैं।

100 सिरेमिक फैक्ट्रियों पर लगा ताला

मोरबी सिरेमिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (विट्रीफाइड टाइल्स खंड) के अध्यक्ष मनोज अरवड़िया ने कहा कि यदि प्रोपेन गैस की सप्लाई बहाल नहीं होती है और आपूर्तिकर्ता स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने में विफल रहते हैं, तो आने वाले दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है।

Also Read: समुद्र में फंसे रूसी तेल पर भारत की नजर, रिफाइनरियों ने 1.5 करोड़ बैरल की खरीद शुरू

400 कारखानों पर मंडरा रहा संकट

अरवड़िया ने संवाददाताओं से कहा, ”युद्ध जैसी मौजूदा स्थिति के कारण पिछले दो दिनों से प्रोपेन गैस उपलब्ध नहीं है और ईंधन पर निर्भर लगभग 100 फैक्ट्रियां पहले ही बंद हो चुकी हैं।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सप्लाई की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो प्रोपेन का उपयोग करने वाली लगभग 400 और फैक्ट्रियां एक सप्ताह के भीतर काम-काज बंद करने के लिए मजबूर हो सकती हैं।

मोरबी दुनिया का सबसे बड़ा सिरेमिक हब

मोरबी दुनिया के सबसे बड़े सिरेमिक मैन्युफैक्चरिंग हब में से एक है, जहां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए टाइल्स और अन्य सिरेमिक उत्पाद बनाने वाली सैकड़ों फैक्ट्रियां स्थित हैं। अरवड़िया ने कहा कि गुजरात गैस द्वारा सप्लाई की जाने वाली गैस पर निर्भर कारखाने फिलहाल चल रहे हैं, लेकिन सीमित उपलब्धता के कारण उनका भविष्य भी अनिश्चित दिख रहा है।

उन्होंने कहा, ”गुजरात गैस के ग्राहक अभी भी काम कर रहे हैं, लेकिन यदि हम वर्तमान उपलब्धता (जो लगभग 50 फीसदी है) के आधार पर गणना करें, तो वे इकाइयां भी 20 मार्च तक बंदी का सामना कर सकती हैं।”

Also Read: ट्रंप ने ईरानी की IRGC से कहा- ह​थियार डाल दें, मिलेगी ‘पूरी सुरक्षा और माफी’

गैस संकट से निर्यात पर भी असर

ईंधन आपूर्ति में व्यवधान ने निर्यात प्रतिबद्धताओं को भी प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, ”निर्यात के जो ऑर्डर हम पहले ही तैयार कर चुके हैं, उन्हें भेजा नहीं जा सकता। कई नए निर्यात ऑर्डरों को भी रोक दिया गया है।” उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों के लिए भी स्थिति गंभीर है। अरवड़िया ने कहा कि संकट के बावजूद कारखाने अधिकांश मजदूरों को काम पर रखे हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने स्थिति पर चिंता व्यक्त की है और उद्योग को सहायता प्रदान करने के लिए जानकारी मांगी है।

(PTI इनपुट के साथ)

First Published : March 6, 2026 | 6:43 PM IST