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भारत तेजी से बढ़ा रहा बिजली उत्पादन क्षमता, 235 गीगावॉट परियोजनाओं पर काम जारी

अध्ययन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कोयला और लिग्नाइट आधारित उत्पादन मिलाकर 22,400 मेगावॉट ताप बिजली क्षमता स्थापित करने के लिए ठेके दिए जा चुके हैं।

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सुधीर पाल सिंह   
Last Updated- April 10, 2026 | 8:31 AM IST

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने कहा है कि भारत वर्तमान में जीवाश्म ईंधन और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं सहित विभिन्न संसाधनों के माध्यम से 235 गीगावॉट बिजली उत्पादन क्षमता विकसित कर रहा है। यह बिजली मंत्रालय के तकनीकी और योजना शाखा द्वारा आज जारी 10 वर्षीय योजना में शामिल है।

इसमें 40,865 मेगावॉट क्षमता की ताप विद्युत परियोजनाएं, 12,723 मेगावॉट क्षमता की पनबिजली परियोजनाएं, 6,600 मेगावॉट क्षमता की परमाणु ऊर्जा परियोजनाएं, 13,120 मेगावॉट की पंप स्टोरेज परियोजनाएं, 10,658 मेगावॉट की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) और 1,54,830 मेगावॉट क्षमता की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का अब तक का सबसे बड़ा निर्माणाधीन पोर्टफोलियो शामिल है।

विद्युत प्राधिकरण ने अपनी दीर्घकालिक संसाधन पर्याप्तता रिपोर्ट में कहा, ‘इसके अतिरिक्त 47,920 मेगावॉट नवीकरणीय क्षमता (35,440 मेगावॉट सौर, 2,400 मेगावॉट पवन और 10,080 मेगावॉट हाइब्रिड पावर) के लिए निविदा प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर योजना के तहत लगभग 1,34,000 मेगावॉट क्षमता जोड़ने की योजना है। राज्यों द्वारा कई अन्य आरई उत्पादन परियोजनाओं की योजना बनाई जा रही है।’

भारत की मौजूदा बिजली उत्पादन क्षमता 520 गीगावॉट है। इस क्षमता का लगभग 52 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोतों पर आधारित है। अध्ययन के अनुसार अगले दशक 2035-36 तक गैर-जीवाश्म ईंधन पर आधारित स्थापित क्षमता का यह हिस्सा कुल क्षमता का 70 प्रतिशत हो जाएगा।

साथ ही वित्त वर्ष 2035-36 के अंत तक जीवाश्म ईंधन पर आधारित स्थापित बिजली क्षमता का हिस्सा मौजूदा 48 प्रतिशत से घटकर लगभग 30 प्रतिशत रह जाएगा। सीईए ने कहा, ‘2035-36 के अंत तक अनुमानित स्थापित क्षमता 1,121 गीगावॉट होगी, जिसमें 315 गीगावॉट कोयला, 20 गीगावॉट गैस, 22 गीगावॉट परमाणु, 78 गीगावॉट बड़ी पनबिजली, 509 गीगावॉट सौर, 155 गीगावॉट पवन, 16 गीगावॉट बायोमास और 6 गीगावॉट छोटी पनबिजली परियोजनाओं से होने वाला उत्पादन शामिल है।’

अध्ययन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कोयला और लिग्नाइट आधारित उत्पादन मिलाकर 22,400 मेगावॉट ताप बिजली क्षमता स्थापित करने के लिए ठेके दिए जा चुके हैं।

First Published : April 10, 2026 | 8:31 AM IST