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‘डिजिटल लोन की रफ्तार में छिपा है जोखिम’, RBI के डिप्टी गवर्नर ने फिनटेक कंपनियों को चेताया

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आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने चेतावनी दी है कि बिना उचित मूल्यांकन के डिजिटल लोन बांटने से कर्ज का संकट बढ़ सकता है और वित्तीय स्थिरता खतरे में पड़ सकती है

Last Updated- March 10, 2026 | 10:28 PM IST
RBI Deputy Governor Swaminathan J
भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे | फाइल फोटो

भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे ने कहा कि डिजिटल ऋण और प्लेटफॉर्म-आधारित मॉडलों से ऋण देने की गति और सुविधा से उधारकर्ताओं को महत्त्वपूर्ण लाभ मिले हैं। हालांकि उन्होंने यह भी चेताया कि यदि ऋण का उचित मूल्यांकन न किया जाए तो इससे जोखिम भी जुड़े हैं।

उन्होंने कहा, ‘डिजिटल ऋण और प्लेटफॉर्म-आधारित मॉडल तेजी का तेजी से विस्तार हुआ हैं। इसका कारण यह है कि वे गति और सुविधा प्रदान करते हैं। यह वास्तविक लाभ भी है। लेकिन ऋण किसी अन्य नियमित लेन-देन की तरह नहीं है। ऋण आजीविका को मजबूत कर सकता है। लेकिन यदि उचित मूल्यांकन न किया जाए तो यह अत्यधिक ऋणग्रस्तता से संकट को और गहरा कर सकता है।’

उन्होंने यह भी बताया कि डिजिटलीकरण वित्त की पहुंच और गति का विस्तार कर रहा है, वहीं यह कमजोरियों को भी बढ़ा रहा है। इसलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि डिजिटल वित्त उन लाभों को बढ़ाए जो उपयोगी हैं – उपयोगी वित्तीय समावेशन, जिम्मेदार नवाचार और  वित्तीय प्रणाली जो लचीलेपन व स्थिरता का समर्थन करती है। स्वामीनाथन ने 6 मार्च को पुणे में आयोजित सम्मेलन में कहा, ‘डिजिटल वित्त और स्थिरता विनियमन, प्रौद्योगिकी, व्यावसायिक प्रोत्साहन और मानवीय व्यवहार के परस्पर संबंध पर आधारित हैं। प्रगति के लिए नियामकों, वित्तीय संस्थानों, फिनटेक कंपनियों, शोधकर्ताओं और नागरिक समाज के बीच सहयोग जरूरी है।’

उन्होंने यह भी कहा कि नवाचार का स्वागत है, लेकिन निष्पक्षता अनिवार्य है। उन्होंने कहा, ‘पारदर्शी मूल्य निर्धारण, स्पष्ट निर्णय, सम्मानजनक वसूली और मजबूत निवारण तंत्र, ये सभी डिजिटल ऋण मॉडलों में समाहित होने चाहिए।’ उन्होंने डिजिटल वित्त में लैंगिक असमानता को प्रमुख चिंता के रूप में उठाया। उन्होंने कहा कि इस अंतर को पाटने के लिए केवल उपकरणों की उपलब्धता या कनेक्टिविटी में सुधार से कहीं अधिक की आवश्यकता होगी। इसके लिए महिलाओं की वित्तीय और डिजिटल क्षमताओं का निर्माण करना है। साथ ही डिजिटल वित्तीय यात्राओं में गोपनीयता और सुरक्षा को मजबूत करना आवश्यक होगा।

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First Published - March 10, 2026 | 10:28 PM IST

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