प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
पावर फाइनैंस कॉर्पोरेशन (पीएफसी) ने सोमवार को 3 साल के बॉन्ड जारी करने की अपनी योजना वापस ले ली है। कंपनी की अपेक्षा से अधिक यील्ड पर बोलियां आने के कारण यह फैसला किया गया । वहीं कंपनी ने 15 साल के बॉन्ड के माध्यम से 7.55 प्रतिशत के कट-ऑफ कूपन पर 2,500 करोड़ रुपये स्वीकार किए।
बिजली क्षेत्र के सरकारी ऋणदाता ने 3 साल के बॉन्ड के माध्यम से 2,500 करोड़ रुपये की बोली और 15 साल के बॉन्ड से 2,500 करोड़ रुपये की बोली आमंत्रित की थी।
कंपनी को 15 साल के बॉन्ड के लिए 93 बोलियों के माध्यम से 6,995 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं, जिसमें यील्ड 7.34 प्रतिशत से 7.60 प्रतिशत के बीच थी। 7.53 प्रतिशत पर सबसे अधिक बोलियां प्राप्त हुईं, जहां निवेशकों ने 1,344 करोड़ रुपये की बोली लगाई। इसके बाद 7.54 प्रतिशत पर 1,219 करोड़ रुपये की बोली लगी।
कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार में यील्ड बढ़ने के कारण कम अवधि के बॉन्ड वापस लिए गए हैं। हाल में सरकार की बॉन्ड यील्ड में तेजी के कारण निवेशक सतर्क हो गए हैं, जिसके कारण कम अवधि के बॉन्ड वापस लिए गए।
नकदी और विदेशी धन की आवक को लेकर चिंता के बीच सरकारी बॉन्डों की यील्ड पिछले एक सप्ताह में बढ़ी है।
बाजार सहभागियों ने कहा कि निवेशक कॉरपोरेट बॉन्ड के लिए सरकारी प्रतिभूतियों पर उच्च स्प्रेड की तलाश कर रहे थे, जिससे जारीकर्ताओं के लिए उन स्तरों पर धन जुटाना मुश्किल हो गया था, जो उनका लक्ष्य था।