facebookmetapixel
Advertisement
होर्मुज खुल भी जाए, तब भी दुनिया को राहत नहीं! रिपोर्ट में क्यों जताई गई महंगाई को लेकर नई चिंता?भविष्य की बड़ी कंपनियों पर दांव लगाने का मौका! द वेल्थ कंपनी के नए Mid Cap Fund में ₹1000 से निवेश शुरूWPI Inflation June 2026: जून में थोक महंगाई बढ़कर 9.87% पर पहुंची, खाने-पीने की चीजें और ईंधन हुए महंगेHCL Tech के Q1 नतीजे उम्मीद से बेहतर, फिर क्यों टूटा शेयर? जानें Buy या Hold की सलाहMP Tech Growth Conclave 3.0: ₹40,000 करोड़ के निवेश का रास्ता साफ, 34000 रोजगार के बनेंगे मौकेरुपया ₹96 के पार! क्या अब ₹97 प्रति डॉलर की बारी? एक्सपर्ट ने बताया आगे क्या होगाAlpine Texworld IPO: ₹126 करोड़ का IPO सब्सक्रिप्शन के लिए खुला; निवेश से पहले जानें प्राइस, लॉट साइज, GMP और अहम डिटेल्सSBI Funds IPO: आज से सब्सक्रिप्शन खुला, ग्रे मार्केट से क्या है संकेत? एंकर निवेशकों से जुटाए ₹2,663 करोड़Hormuz Attack: होर्मुज में UAE के दो टैंकरों पर ईरानी मिसाइल हमला; एक भारतीय की मौत, 6 भारतीय घायलShriram Finance से PNB Housing तक: NBFC सेक्टर की वापसी तय? ब्रोकरेज ने चुने ये 19 पसंदीदा शेयर

एफपीआई ने फरवरी में निकाले 18,856 करोड़ रुपये

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 9:09 PM IST

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने फरवरी माह में अब तक भारतीय बाजारों से 18,856 करोड़ रुपये निकाले हैं। भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना के बीच एफपीआई की निकासी बढ़ी है।
डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, एक से 18 फरवरी के दौरान एफपीआई ने शेयरों से 15,342 करोड़ रुपये और ऋण या बॉन्ड बाजार से 3,629 करोड़ रुपये की निकासी की है। इस दौरान उन्होंने हाइब्रिड माध्यमों में 115 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस तरह उनकी शुद्ध निकासी 18,856 करोड़ रुपये रही है। यह लगातार पांचवां महीना है जबकि विदेशी कोषों ने भारतीय बाजारों से निकासी की है।
मॉर्निंगस्टार इंडिया के सहायक निदेशक हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, भू-राजनीतिक तनाव और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना के बीच एफपीआई हाल के समय में भारतीय शेयरों से निकासी कर रहे हैं। अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी का संकेत दिए जाने के बाद उनकी बिकवाली भी तेज हुई है। कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी शोध (खुदरा) प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा कि अमेरिका और रूस के बीच यूक्रेन को लेकर तनाव बढऩे से निवेशकों का रुख बॉन्ड और सोने जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ हो गया है।    

Advertisement
First Published - February 20, 2022 | 11:00 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement