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कर्ज पुनर्गठन की चुकानी होगी कीमत

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Last Updated- December 15, 2022 | 12:23 AM IST

क्रेडिट और डेबिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों को धोखाधड़ी होने या तगड़ा चूना लगने का खटका लगा ही रहता है। मगर 30 सितंबर से उन्हें कुछ राहत मिल जाएगी। इस दिन कुछ अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जिनके बाद ग्राहकों का कार्ड पर नियंत्रण बढ़ जाएगा और धोखाधड़ी का जोखिम भी कम हो जाएगा। हो सकता है कि आपके बैंकों ने सुरक्षा के ये इंतजाम पहले ही लागू कर दिए हों। अभी तक नहीं किए हैं तो जल्द ही कर देगा। बैंक एवं वित्तीय क्षेत्र के लिए वित्तीय डिजिटल सॉल्यूशन देने वाली कंपनी इन्फ्रासॉफ्ट टेक्नोलॉजीज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्य अधिकारी राजेश मिरजनकर बताते हैं, ‘इन बदलावों से ग्राहकों को अधिक अधिकार मिल जाएंगे और उनके कार्ड ज्यादा महफूज हो जाएंगे।’
नया क्या है?
नए नियम सभी कार्डों पर लागू होंगे चाहे नए कार्ड लिए गए हों, पहले से चल रहे हों या हाल ही में उनका नवीकरण कराया गया हो। बैंकबाजार के मुख्य कार्य अधिकारी आदिल शेट्टी का कहना है, ‘जब कार्ड जारी किए जाएंगे तो आप भारत में पॉइंट ऑफ सेल और एटीएम पर ही इस्तेमाल कर पाएंगे। ऑनलाइन, अंतरराष्ट्रीय तथा संपर्क रहित लेनदेन के लिए आपको अपने हाथ से अनुमति देनी होगी।’ इन सुविधाओं को मोबाइल फोन, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम या बैंक शाखाओं के जरिये शुरू कराया जा सकता है। हालांकि आपको यह सब बेजा कवायद लग सकती है मगर याद रहे कि ये नए फीचर कार्ड से होने वाले लेनदेन को ज्यादा महफूज ही बनाएंगे।

काम में लो या गंवा दो
अगर आपने अपने पास मौजूद कार्ड का ऑनलाइन, संपर्करहित या अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के लिए इस्तेमाल नहीं किया है तो ऐसे लेनदेन की सुविधा बंद कर दी जाएगी। पैसाबाजार डॉट कॉम के निदेशक साहिल अरोड़ा बताते हैं, ‘बाकी कार्डों के मामले में अधिकार बैंकों को दे दिया गया है। वे देखेंगे कि कार्ड में जोखिम की कितनी आशंका है और उसके हिसाब से ये सुविधाएं चालू रखने या बंद करने का फैसला खुद ही कर लेंगे।’ जिन कार्डधारकों को ऑनलाइन, संपर्करहित या अंतरराष्ट्रीय लेनदेन की जरूरत पड़ेगी वे मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंक का इस्तेमाल कर या शाखा अथवा एटीएम पर जाकर उसे फिर चालू कर सकते हैं। इससे काम नहीं चले तो ग्राहक सेवा के फोन नंबर पर कॉल करने से उनका काम हो सकता है।

लिमिट तय करें
नए नियमों के तहत आपको अपने कार्ड पर इस्तेमाल की सीमा यानी लिमिट तय करने का मौका भी मिलेगा। लेनदेन चाहे देश में हो या विदेश में, पॉइंट ऑफ सेल के जरिये हो, ऑनलाइन हो या एटीएम से रकम निकासी हो, आप सभी की सीमा तय कर पाएंगे। मिरजनकर कहते हैं, ‘कार्ड जारी करने वाली कंपनी ने आपके कार्ड की जो भी कुल सीमा तय की है, आप लेनदेन की सीमाएं उसके भीतर ही तय कर सकते हैं।’

ऑन/ऑफ स्विच
कार्डधारकों के पास अब एटीएम निकासी या ऑनलाइन लेनदेन जैसी किसी भी सुविधा को स्विच ऑन या ऑफ करने का विकल्प भी होगा। जरा सोचिए कि जिन सुविधाओं की जरूरत ही नहीं है, उन्हें कुछ समय के लिए स्विच ऑफ यानी बंद कर दिया जाए और जिनकी जरूरत है, उनकी सीमा तय कर दी जाए तो आप कितने सुकून में रहेंगे।
मिसाल के तौर पर अपने कार्ड पर एटीएम, पॉइंट ऑफ सेल और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन को स्विच ऑफ करने और देश में ऑनलाइन लेनदेन की सीमा तय करने की सुविधा को ही लीजिए। अगर इन दिनों आप केवल राशन की ऑनलाइन खरीदारी ही करते हैं तो अपने क्रेडिट कार्ड की 3 लाख रुपये की पूरी लिमिट चालू रखने की कोई जरूरत नहीं है और न ही डेबिट कार्ड के जरिये अपने बैंक में जमा समूची रकम को ऑनलाइन चैनल पर लाने की जरूरत है क्योंकि इससे धोखाधड़ी का खतरा बढ़ जाता है। लिमिट तय करने या कार्ड स्विच ऑफ करने की सुविधा ऐसे में आपके बहुत काम आ सकती है।
आजकल महामारी के दौरान साइबर धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और बुजुर्ग इसके सबसे अधिक शिकार हुए हैं। आपके पास नई सुविधाओं के हथियार आ गए हैं, जिससे साइबर या एटीएम धोखाधड़ी के शिकार होने पर भी आपको कोई नुकसान नहीं होगा या बहुत कम नुकसान होगा। मगर उसके लिए जरूरी है कि आप इस्तेमाल स्विच ऑफ कर दें या इस्तेमाल की बहुत कम सीमा तय कर दें।

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First Published - September 28, 2020 | 12:04 AM IST

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