facebookmetapixel
Advertisement
BRICS Summit 2026: युद्ध के बीच भारत आ रहे ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, जानें क्या है एजेंडा7 साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग, ब्रिक्स समिट में करेंगे शिरकत; PM मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता संभवएडलवाइस का नया अल्टिवा फंड लॉन्च, लार्ज कैप पर रहेगा फोकस, 24 सितंबर तक कर सकेंगे निवेशचीनी की किल्लत खत्म! घरेलू उत्पादन 279 लाख टन होने का अनुमान, त्योहारी सीजन में स्थिर रहेंगी कीमतेंएक्सप्लेनर: ब्रिक्स में अपनी मुद्राओं में व्यापार पर जोर, पर डॉलर से दूरी को लेकर भारत क्यों सतर्क? समझें पूरी रणनीतिब्रिक्स से पहले नरमी के संकेत? चीन ने माना भारत के साथ रिश्ते दोनों देशों के लिए फायदेमंदश्रीराम म्युचुअल फंड का गोल्ड ETF फंड ऑफ फंड्स हुआ लॉन्च, ₹500 से निवेश का मौकाFCNR(B): बैंकों के पास बढ़ी नकदी, क्या तेजी से बंटेगा कर्ज? SBI चेयरमैन ने दिया जवाबरुपये की गिरावट पर लगेगा ब्रेक या पहुंचेगा 96 के पार? क्रूड क्यों बना सबसे बड़ा खतराग्लोबल बनेगा ‘आधार’: UIDAI की नई योजना का CEO सौरव विजय ने किया ऐलान

आरबीआई तरलता धीरे घटाएगा

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 10:10 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने तरलता कम करने के उपाय को धीमा करके बॉन्ड बाजार को चकित कर दिया। इससे यह संकेत मिलता है कि महामारी की तीसरी लहर की आशंका से आरबीआई नीतियों को सामान्य बनाने की दिशा में जल्दबाजी नहीं दिखाएगा।
केंद्रीय बैंक अपनी वेरिएबल रेट रिवर्स रीपो नीलामी को बैंकिंग तंत्र से अतिरिक्त नकदी खींचने के लिए आगे बढ़ाता है। ऐसे में उम्मीद की जा रही थी आरबीआई 2 लाख करोड़ रुपये की तीन-दिन की रिवर्स रीपो नीलामी करेगा। आरबीआई ने ऐसा तो नहीं किया मगर आज बाजार बंद होने के बाद उसने 5 लाख करोड़ रुपये के 15 दिन के वेरिएबल रेट रिवर्स रीपो की घोषणा कर दी। यह बाजार से इस हफ्ते 8 लाख करोड़ रुपये खींचने की केंद्रीय बैंक की योजना से कम है। केंद्रीय बैंक ने 31 दिसंबर को 7.5 लाख करोड़ रुपये के 14 दिन के वेरिएबल रेट रिवर्स रीपो की नीलामी की थी लेकिन बैंकों ने केवल 2.67 लाख करोड़ रुपये ही जमा कराए थे। एयू स्मॉल फाइनैंस बैंक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवेंद्र दास ने कहा, ’14 दिन की राशि और 3 दिन का वेरिएबल रेट रिवर्स रीपो दोनों बाजार के लिए सुखद आश्चर्य की तरह है। ऐसा लगता है कि कोविड की स्थिति को देखते हुए आरबीआई मौद्रिक नीति सख्त करने की योजना से फिलहाल परहेज कर रहा है।’ इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्च के सहायक निदेशक सौम्यजित नियोगी ने कहा कि लंबे समय तक नीति दर के यथावत रहने से आरबीआई के आंतरिक तरलता प्रबंधन और बाजार परिचालन की भूमिका अहम हो जाती है। आरबीआई ने अक्टूबर में सीधे तौर पर बॉन्ड खरीद बंद कर दी थी, जिससे बैंकिंग तंत्र में ताजा नकदी के प्रवाह पर रोक लगी थी।

Advertisement
First Published - January 13, 2022 | 11:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement