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थोक जमा नियमों में आरबीआई का बदलाव, सभी ग्राहकों को मिलेगी समान ब्याज दर की जानकारी

आरबीआई ने यह भी साफ किया है कि किसी बैंक की सभी शाखाओं में और सभी ग्राहकों के लिए जमा पर ब्याज दरें एक समान रहेंगी

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आतिरा वारियर   
Last Updated- August 05, 2026 | 11:49 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को कहा कि थोक जमाओं और जमा पर एक समान ब्याज दरों को लेकर हाल ही में जारी किए गए नए नियमों का मकसद, मौजूदा व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव करना नहीं है। इनका उद्देश्य सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि बैंक ग्राहकों को ब्याज दरों की जानकारी पारदर्शी और एकसमान तरीके से दी जाए।

मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि जुलाई में जारी परिपत्र का मुख्य उद्देश्य यह तय करना है कि बैंक ग्राहकों को जमाओं पर मिलने वाली ब्याज दरों की जानकारी किस तरह दें।

उन्होंने कहा, ‘हमने सिर्फ यह स्पष्ट किया है कि बैंक, ब्याज दरों की जानकारी पारदर्शी तरीके से कैसे दी जाए। मेरी जानकारी के अनुसार इसमें कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। पूरा जोर पारदर्शिता बढ़ाने पर है।’ मल्होत्रा ने बताया कि अब बैंकों को अपनी वेबसाइट पर पहले से ही जमाओं पर मिलने वाली ब्याज दरें प्रकाशित करनी होंगी।

उन्होंने कहा कि थोक जमाओं की ब्याज दरें कब जारी की जाएंगी, इसके लिए पहले कोई तय समय नहीं था। अब आरबीआई ने निर्देश दिया है कि बैंक हर कारोबारी दिन सुबह 10 बजे तक अपनी वेबसाइट पर ये दरें जारी करें। नए नियमों के तहत बैंकों को अपनी नकदी की स्थिति के आधार पर थोक जमाओं पर अलग-अलग ब्याज दरें देने की अनुमति होगी। इसके लिए नकदी कवरेज अनुपात (एलसीआर) से जुड़े नियमों को आधार बनाया जाएगा।

हालांकि आरबीआई ने यह भी साफ किया है कि किसी बैंक की सभी शाखाओं में और सभी ग्राहकों के लिए जमा पर ब्याज दरें एक समान रहेंगी। यदि एक ही दिन, एक ही राशि की जमाएं स्वीकार की जाती हैं तब किसी भी ग्राहक या शाखा के साथ ब्याज दर को लेकर भेदभाव नहीं किया जा सकेगा। संशोधित नियमों के मुताबिक, बैंकों को सभी तरह की जमाओं जिनमें थोक जमाएं भी शामिल हैं, उनकी ब्याज दरें पहले से अपनी वेबसाइट पर जारी करनी होंगी। थोक जमाओं की ब्याज दरें, हर कारोबारी दिन सुबह 10 बजे तक वेबसाइट पर डालनी होंगी। विशेष स्थिति में अधिकतम 10 मिनट की छूट दी गई है यानी सुबह 10:10 बजे तक इन्हें प्रकाशित किया जा सकता है।

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एस. सी. मुर्मू ने कहा कि नए नियमों का उद्देश्य, जमा करने वाले सभी ग्राहकों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना और पूरी प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाना है। हमारा मकसद पारदर्शिता बढ़ाना और सभी जमाकर्ताओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना है। इसी वजह से ब्याज दरें जारी करने का समय भी एक समान तय किया गया है।

First Published : August 5, 2026 | 11:49 PM IST