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रैलिस के विकास परिदृश्य पर आशान्वित हैं विश्लेषक

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Last Updated- December 14, 2022 | 10:16 PM IST

अंतरराष्ट्रीय राजस्व में भारी गिरावट से रैलिस इंडिया का सितंबर तिमाही का प्रदर्शन प्रभावित हुआ। तिमाही में कंपनी के राजस्व में 24 प्रतिशत (वित्त वर्ष 2020 की पहली छमाही में राजस्व भागीदारी 34 प्रतिशत) का योगदान देने वाले इस सेगमेंट (अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय) का राजस्व सालाना आधार पर 29 प्रतिशत घटा है।
भारी गिरावट के लिए मुख्य वजह अतिरिक्त वैश्विक इन्वेंट्री से हर्बीसाइड मेट्रीब्यूजिन की बिक्री एवं प्राप्तियों में 30-40 प्रतिशत की कमी थी। इसके अलावा कम अनुबंध निर्माण बिक्री से भी वैश्विक राजस्व प्रभावित हुआ, क्योंकि फंगीसाइड मेटकोनेजोल के कम उठाव और विमानन क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले थर्मोप्लास्टिकपीईकेके का निर्यात घटने से नकारात्मक असर पड़ा।
अंतरराष्ट्रीय बिक्री में कमजोरी की वजह से समेकित राजस्व 3 प्रतिशत घटा। एमके रिसर्च के विश्लेषकों का कहना है कि मेट्रीब्यूजिन की बिक्री पर दबाव का असर पहले ही दिख चुका है और मौजूदा तिमाही से इसमें सुधार देखा जा सकता है। उनका कहना है कि मेट्रीब्यूजिन क्षमता में सुधार वित्त वर्ष 2021 की दूसरी छमाही में नजर रखे जाने योग्य कारक बना हुआ है, क्योंकि यह मार्जिन और आय में बदलाव के सबसे बड़े कारकों में से एक है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय सेगमेंट से निराशा मिली है, लेकिन घरेलू व्यवसाय (राजस्व में तीन-चौथाई योगदान) का प्रदर्शन एवं सकल मार्जिन शानदार रहा। बिक्री में 10 प्रतिशत की वृद्घि से कंपनी को घरेलू फॉर्मूलेशन में 8 प्रतिशत वृद्घि दर्ज करने में मदद मिली। सीड सेगमेंट में 29 प्रतिशत की वृद्घि बाजार के अनुमान से बेहतर थी और इसे मक्का तथा सरसों की बिक्री में आए सुधार से मदद मिली। अन्य सकारात्मक बदलाव कम उत्पादन लागत और घरेलू फॉर्मूलेशन बिक्री से ऊंची प्राप्तियों की वजह से सकल मार्जिन में सालाना आधार पर 201 आधार अंक की तेजी थी। हालांकि इस तेजी का परिचालन मुनाफा स्तर पर ज्यादा असर नहीं दिखा क्योंकि मेट्रीब्यूजिन के क्षमता विस्तार से जुड़ी लागत काफी ज्यादा थी।
हालांकि ब्रोकरों ने निर्यात में कमजोरी की वजह से वित्त वर्ष 2021 के लिए अपने आय अनुमानों में कटौती की है और उनका मानना है कि घरेलू बाजार में नई उत्पाद पेशकशों, मौजूदा विस्तार से मदद और अनुकूल मार्जिन की वजह से मध्यावधि वृद्घि मजबूत रहेगी। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज को कंपनी द्वारा वित्त वर्ष 2020-23 की अवधि के दौरान मुनाफा दोगुना किए जाने की संभावना है।

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First Published - October 26, 2020 | 12:15 AM IST

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