facebookmetapixel
नए मेट्रो एयरपोर्ट से हॉ​स्पिटेलिटी कारोबार को बूस्ट, होटलों में कमरों की कमी होगी दूरदिसंबर में मैन्युफैक्चरिंग की रफ्तार धीमी, PMI घटकर 55.0 पर आयानए साल की रात ऑर्डर में बिरयानी और अंगूर सबसे आगेमैदान से अंतरिक्ष तक रही भारत की धाक, 2025 रहा गर्व और धैर्य का सालमुंबई–दिल्ली रूट पर एयर इंडिया ने इंडिगो को पीछे छोड़ाअगले साल 15 अगस्त से मुंबई–अहमदाबाद रूट पर दौड़ेगी देश की पहली बुलेट ट्रेनगलत जानकारी देकर बीमा बेचने की शिकायतें बढ़ीं, नियामक ने जताई चिंता1901 के बाद 2025 रहा देश का आठवां सबसे गर्म साल: IMDHealth Insurance के दायरे में आने वाले लोगों की संख्या बढ़ी, पॉलिसियों की बिक्री घटीअब बैंक भी बन सकेंगे पेंशन फंड के प्रायोजक, PFRDA ने नए ढांचे को दी मंजूरी

एसऐंडपी ने रेटिंग रखी बरकरार

Last Updated- December 15, 2022 | 1:17 AM IST

भारतीय अर्थव्यवस्था में तेज गिरावट के बीच रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड ऐंड पूअर्स (एसऐंडपी) ने भारत की दीर्घ अवधि की सॉवरिन रेटिंग ‘बीबीबी-‘ बरकरार रखी है। ‘बीबीबी-‘ रेटिंग का मतलब है कि देश की दीर्घ अवधि की आर्थिक वृद्धि औसत से ऊपर है और दुनिया में इसकी साख मजबूत बनी हुई है। रेटिंग एजेंसी ने मौद्रिक नीति उपायों को भी ध्यान में रखते हुए भारत की रेटिंग बरकरार रखी है।
हालांकि एजेंसी ने कमजोर राजकोषीय ढांचे और मोटे तौर पर सरकार के घाटे एवं कर्ज को लेकर चिंता जताई है। एजेंसी ने कहा कि भारत में कम प्रति व्यक्ति आय भी एक बड़ी चुनौती है। एसऐंडपी ने दीर्घ अवधि के परिदृश्य को स्थिर रखा गया है। स्थिर परिदृश्य यह दर्शाता है कि वित्त वर्ष 2021 में गिरावट के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार होगा। एसऐंडपी ने अपने एक बयान में कहा कि इससे देश की साख स्थिर रहेगी।
ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि वित्त वर्ष 2022 में भारत में आर्थिक गतिविधियां सामान्य स्थिति में आ जाएंगी, जिससे वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर करीब 10 प्रतिशत हो जाएगी। हालांकि इस तेजी का एक बड़ा कारण चालू वित्त वर्ष में कमजोर आधार होगा। एसऐंडपी ने कहा कि दीर्घ अवधि में भारत के प्रदर्शन का अनुतान इसके पिछले बेहतर रिकॉर्ड पर आधारित है।

First Published - September 26, 2020 | 12:28 AM IST

संबंधित पोस्ट