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दूसरी तिमाही में सुधरा कर संग्रह

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Last Updated- December 14, 2022 | 11:50 PM IST

महामारी के बीच लॉकडाउन में राहत के बाद आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने से इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल, लार्सन ऐंड टुब्रो सहित तकनीक और विनिर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में पहले की अपेक्षा ज्यादा कर भुगतान किया है। विदेशी बैंकों एचएसबीसी, डॉयचे और जेपी मॉर्गन चेज का कर भुगतान भी पहली छमाही में दो अंक में बढ़ा है।
मगर रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल), भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी), भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), एचडीएफसी जैसी दिग्गज कंपनियों पर कर भुगतान के मामले में दबाव देखा गया। कच्चे तेल के दाम में भारी गिरावट की वजह से रिफाइनिंग मार्जिन खत्म होने के अंदेशे से आरआईएल ने कर की दूसरी किस्त का भुगतान नहीं किया है। मगर उसकी सहायक इकाई रिलायंस रिटेल के कर भुगतान में 1,491 फीसदी का इजाफा देखा गया। कंपनी ने हाल में कई वैश्विक निवेशकों से पैसे जुटाए हैं। कंपनी ने 521 करोड़ रुपये का कर चुकाया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसने 31 करोड़ रुपये का कर दिया था। आरआईएल ने पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 3,270 करोड़ रुपये का कर अदा किया था।
आयकर विभाग द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि इन्फोसिस ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 1,330 करोड़ रुपये का कर दिया है जबकि पिछले साल की समान तिमाही में उसने 1,150 करोड़ रुपये का ही कर दिया था। टेक महिंद्रा ने 350 करोड़ रुपये (34 फीसदी अधिक) और एचसीएल ने 550 करोड़ रुपये (8 फीसदी अधिक) कर जमा कराया है।  एलऐंडटी ने दूसरी तिमाही में पिछले साल की समान तिमाही के 120 करोड़ रुपये के मुकालबे 461 फीसदी अधिक यानी 675 करोड़ रुपये का कर चुकाया है। दूसरी तिमाही में विदेशी बैंकों में सबसे ज्यादा कर डॉयचे बैंक, जेपी मॉर्गन चेज, एचएसबीसी आदि ने दिया। इन्होंने पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 35 से 45 फीसदी ज्यादा कर का भुगतान किया है। डॉयचे बैंक ने 430 करोड़ रुपये का कर चुकाया, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 43 फीसदी ज्यादा है। जेपी मॉर्गन चेज ने 430 करोड़ रुपये और एचएसबीसी ने 870 करोड़ रुपये के कर का भुगतान किया है।
एफएमसीजी फर्मों में हिंदुस्तान यूनिलीवर ने 750 करोड़ रुपये (14.5 फीसदी ज्यादा) कर चुकाया है। लेकिन इस क्षेत्र की नामी कंपनी आईटीसी ने पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 46 फीसदी कम कर चुकाया है। आईटीसी ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 1,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में उसने 1,850 करोड़ रुपये का कर दिया था।
निजी क्षेत्र के ऋणदाता एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक कर भुगतान में काफी पीछे रहे। एचडीएफसी ने 3,600 करोड़ रुपये का कर चुकाया है, जबकि पिछले साल दूसरी तिमाही में उसने 4,310 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। आईसीआईसीआई बैंक ने पिछले साल की तुलना में 12 फीसदी कम 1,200 करोड़ रुपये का कर भुगतान किया है।

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First Published - September 28, 2020 | 11:05 PM IST

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