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दो माह में 58 फीसदी राजकोषीय घाटा

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Last Updated- December 15, 2022 | 7:46 AM IST

केंद्र का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2020-21 के पहले दो महीनों में 4.66 लाख करोड़ या पूरे वित्त वर्ष के लक्ष्य 7.96 लाख करोड़ रुपये का 58.6 फीसदी रहा है। इसकी मुख्य वजह कर एवं गैर-कर राजस्व और पूंजीगत प्राप्तियों की किल्लत रही है। पिछले साल की इसी अवधि में यह 52 फीसदी था।
लेखा महानियंत्रक के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-मई में शुद्ध कर राजस्व पूरे साल के लक्ष्य का 2.1 फीसदी रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि में 7 फीसदी था। आलोच्य अवधि में गैर-कर राजस्व 2.8 फीसदी रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि में 9.1 फीसदी था। वहीं गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां 0.4 फीसदी रही, जो पिछले साल की इसी अवधि में 2.6 फीसदी थीं।

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First Published - June 30, 2020 | 10:37 PM IST

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