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2021 में बाजार में तेजी ज्यादा व्यापक होगी

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Last Updated- December 12, 2022 | 9:56 AM IST

बीएस बातचीत
वैश्विक केंद्रीय बैंक भारत समेत दुनियाभर में शेयर बाजारों को मजबूती प्रदान कर रहे हैं, और ऐसे समय में इक्विटी पर सकारात्मक बने रहने की यही वजह है।आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य निवेश अधिकारी एस नरेन ने ऐश्ली कुटिन्हो के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि मौजूदा मूल्यांकन बहुत ज्यादा महंगे नहीं हैं, खासकर कम ब्याज दर के संदर्भ में। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश:
इस साल भारतीय इक्विटी बाजारों के लिए आपका क्या नजरिया है?
हमारा मानना है कि भारतीय इक्विटी बाजार तेजी के बाजार के मध्य में हैं और वे विकसित दुनिया के केंद्रीय बैंकों द्वारा केंद्रित हैं। हम सामान्रू तौर पर तब तक इक्विटी पर सकारात्मक बने हुए हैं, जब तक कि मुद्रास्फीति पश्चिमी दुनिया में वापसी नहीं करती। जब ऐसा होगा, केंद्रीय बैंक, खासकर अमेरिकी फेडरल द्वारा नकदी सहायता वापस लिए जाने की संभावना होगी। लेकिन हमें ऐसा तुरंत होने की संभावना नहीं दिख रही है, कम से कम अगले 6 महीनों में तो नहीं। बाजार अस्थिरता का सामना करने वालों के लिए, उचित दृष्टिकोण है अच्छी तरह से प्रबंधित परिसंपत्ति आवंटन योजनाओं के जरिये निवेश करना।

बाजार मूल्यांकन पर आपका क्या विचार है?
मुख्य आधार पर, इक्विटी मूल्यांकन महंगा है। हालांकि जब ब्याज दरों के संदर्भ में देखा जाए, जो काफी नीचे हैं, तो बाजार मूल्यांकन बहुत ज्यादा महंगा नहीं है। इसकी वजह यह है कि तेजी किस तरह से विकसित दुनिया में केंद्रीय बेंकों के कदमों पर निर्भर करेगी।

मौजूदा बाजार में, क्या निवेशकों के लिए अच्छी वैल्यू वाले क्षेत्र हैं?
बाजार में तेजी के बाद भी, समझदार निवेशक के लिए कई महत्वपूर्ण अवसर मौजूद हैं। धातु, कॉरपोरेट बैंक, इन्फ्रास्ट्रक्चर, और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्र लगातार वैल्यू प्रदान कर रहे हैं। इनमें से कुछ क्षेत्रों का प्रदर्शन 2008 से कमजोर रहा है। 2002 से 2007 तक बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्र आज उन क्षेत्रों के मुकाबले ज्यादा आकर्षक हैं जिन्होंने 2008 और 2020 के बीच अच्छा प्रदर्शन किया।

बैंकों और एनबीएफसी पर आपका क्या नजरिया है?
हम कॉरपोरेट बैंकों और एनबीएफसी (खासकर, वे जिन्होंने वाणिज्यिक वाहनों और मकानों के लिए ऋण पर ध्यान दिया है) पर सकारात्मक हैं। हमारा मानना है कि ये बुरे दौर से सबसे पहले बाहर निकलेंगे।

मिडकैप और स्मॉलकैप क्षेत्र पर आपकी क्या राय है? क्या आप मानते हैं कि इनमें तेजी अब मजबूत होगी?
इस साल बाजार की तेजी ज्यादा व्यापक रहने की संभावना है। इस तेजी में अब तक हिस्सा नहीं लेने वाले क्षेत्रों पर भी धारणा सुधरी है और इसलिए बाजार में इनकी भागीदारी बढऩे की संभावना है। पिछले साल अक्टूबर तक रही बाजार धु्रवीकरण की स्थिति में सुधार आया है और हमारा मानना है कि यह सुधार प्रक्रिया बरकरार रहेगी। जब ब्याज दरें नीचे हैं, स्मॉलकैप और मिडकैप कंपनियां फायदा उठाने की स्थिति में हैं। आगामी तिमाहियों में यह संभव है कि बुनियादी तौर पर मजबूत कंपनियों का मुनाफा सुधरेगा। इससे मिड और स्मॉलकैप क्षेत्र में तेजी का आधार तैयार होने की संभावना है।
वर्ष 2020 की शुरू में निवेशकों ने डेट फंडों पर ध्यान दिया, क्योंकि कुछ खास घटनाक्रम से उनका भरोसा कमजोर पड़ गया था। 2021 के लिए आपकी क्या राय है?
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के डेट म्युचुअल फंडों में निवेशक किसी विपरीत घटनाक्रम से प्रभावित नहीं हुए थे। हम अपने फंडों द्वारा दिए गए प्रतिफल को लेकर संतुष्ट हैं। इसके अलावा, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के 22 वर्षों के इतिहास में हमें अपनी डेट होल्डिंग्स में किसी तरह की चूक का सामना नहीं करना पड़ा है। वर्ष 2020 में, आरबीआई ने दरों में 115 आधार अंक तक की कटौती की। इसके अलावा, वृद्घि को सहारा देने के लिए कई उपाय किए गए और तरलता की स्थिति आसान बनाई गई। हमने लंबे समय से डेट में निवेश की सलाह दी है। आर्बिट्राज फंडों, एकु्रअल फंडों, और डायनेमिक ऐसेट आवंटन फंडों का उपयुक्त समावेश डेट में निवेश का बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

घरेलू संस्थागत निवेश पर आपका क्या कहना है? क्या आप इसमें सुधार देख रहे हैं?
निवेशक मार्च में तेज गिरावट से उबरे हैं और सतर्कता के साथ मुनाफावसूली पर जोर दे रहे हैं। इसकी वजह से हमने इक्विटी म्युचुअल फंडों से निकासी दर्ज की है। यह टें्रड जल्द ही बदलने की संभावना है। ध्यान देने की दिलचस्प बात यह है कि जहां एसआईपी के जरिये पूंजी प्रवाह घट सकता है, वहीं नए एसआईपी खातों की संख्या में अच्छी वृद्घि देखी गई है।

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First Published - January 12, 2021 | 12:38 AM IST

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