वाहन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी टाटा मोटर्स ने कहा है कि उसके एक प्रवर्तक ने कंपनी के ऋणदाताओं के पास अपनी 8. 15 फीसदी हिस्सेदारी गिरवी रखी है।
टाटा मोटर्स ने नैशनल स्टाक एक्सचेंज को बताया कि टाटा सन्स ने 3.72 करोड़ शेयर या 8.15 फीसदी हिस्सेदारी गिरवी रखी है। मंगलवार के बाजार मूल्य के के आधार पर गिरवी रखे गए शेयरों से 516 करोड़ रुपये मिले होंगे।
बाजार विश्लेषकों ने कहा कि जब बाजार था तो टाटा मोटर्स विस्तार में जुटी थी ऐसे में उसने फंड जुटाने के लिए शेयर गिरवी रखे होंगे।
टाटा कॉफी के शेयर भी गिरवी
टाटा सन्स ने घोषणा की है कि उसने धन उगाही के लिए समूह की कंपनी टाटा कॉफी के अपने सारे शेयर (कुल शेयरों का 57.48 फीसदी) गिरवी रख दिए हैं। इसके अलावा कई और कंपनियों ने विभिन्न कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी गिरवी रखने की बात कही है।
टाटा सन्स ने मंगलवार को बताया कि टाटा कॉफी में उसके 57.48 फीसदी शेयर हैं और इन सभी शेयरों को गिरवी रख दिया गया है। गौरतलब है कि कंपनी के कुल 1,86,77,037 शेयरों में से 1,07,35,982 शेयर टाटा कॉफी के पास हैं। मंगलवार को कारोबार की शुरुआत में टाटा कॉफी के शेयर 150.05 रुपये पर खुले।
इसके शेयरों में तेजी का रुख जारी था। टाटा कॉफी कॉफी का निर्यात करता है। हालांकि भारतीय कॉफी बाजार में इसकी हिस्सेदारी थोड़ी ही है। इस बीच टाटा कॉफी के खुलासे के बाद, 12 अन्य कंपनियों ने भी अपने शेयर गिरवी होने की बात कही है।
बजाज ऑटो को भी अपनाना पड़ा यह रास्ता
दो और तिपहिया निर्माता कंपनी बजाज ऑटो ने भी मंगलवार को बताया कि उसके 4 प्रवर्तकों ने अपनी 2.57 फीसदी हिस्सेदारी गिरवी रख दी है। बंबई स्टॉक एक्सचेंज को दी सूचना में कंपनी ने बताया कि चार प्रवर्तकों ने 37,23,961 शेयर गिरवी रख दिए हैं।
जमनालाल सन्स ने जहां 2.33 फीसदी यानी 33,76,111 शेयर गिरवी रखे हैं, वहीं बड़ौदा इंडस्ट्रीज ने 0.14 फीसदी यानी 2,02,000 शेयर गिरवी रखे हैं। बच्चराज फैक्टरीज ने भी कंपनी में अपनी 0.10 फीसदी हिस्सेदारी गिरवी रखी है। इतना ही नहीं मुकुंद ग्लोबल फाइनांस ने सारे 850 शेयरों को गिरवी रखा है।
टाटा समूह की एक अन्य कंपनी इंडियन होटल्स ने बताया है कि उसके कुल शेयरों का 3.46 फीसदी वित्तीय संस्थानों के यहां गिरवी रख दिए गए हैं।